रामानुजगंज जल संसाधन विभाग में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सवाल, ग्रामीणों ने व्यवस्था सुधारने की मांग उठाई

बलरामपुर जिले के रामानुजगंज स्थित जल संसाधन विभाग में अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों और किसानों ने नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि अधिकांश समय विभाग में केवल कर्मचारी मौजूद रहते हैं और अधिकारी उपलब्ध नहीं होते। किसानों ने विभागीय व्यवस्था में सुधार और समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की है। संबंधित विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Jul 1, 2026 - 14:16
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रामानुजगंज जल संसाधन विभाग में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सवाल, ग्रामीणों ने व्यवस्था सुधारने की मांग उठाई

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l जिले के रामानुजगंज स्थित जल संसाधन विभाग के कार्यालय में अधिकारियों की कथित अनुपस्थिति को लेकर किसानों और स्थानीय नागरिकों ने नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कई बार कार्यालय पहुंचने के बावजूद उन्हें संबंधित अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो पाती, जिससे उनके कार्य लंबित रह जाते हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार विभाग में कार्यपालन अभियंता, एसडीओ तथा अन्य अधिकारियों से मिलने के लिए आने वाले लोगों को अक्सर यह जानकारी दी जाती है कि अधिकारी फील्ड निरीक्षण पर गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अधिकांश अवसरों पर यही जवाब मिलता है, जिससे उनकी शिकायतों का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है

बुधवार को भी गिरवानी नहर से जुड़ी समस्या को लेकर कुछ किसान और ग्रामीण विभागीय कार्यालय पहुंचे थे। उनका कहना है कि मानसून शुरू होने के बाद सिंचाई व्यवस्था और नहरों से संबंधित समस्याओं का समय पर निराकरण आवश्यक है, लेकिन संबंधित अधिकारियों से मुलाकात नहीं होने के कारण उनकी समस्याएं लंबित हैं। किसानों ने मांग की कि इस मौसम में विभागीय अधिकारी नियमित रूप से कार्यालय में भी उपलब्ध रहें और फील्ड निरीक्षण के साथ-साथ आम नागरिकों की शिकायतें भी सुनें।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कार्यालय में कई बार केवल कर्मचारी ही मौजूद रहते हैं और अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण लोगों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। उनका कहना है कि यदि अधिकारी वास्तव में फील्ड निरीक्षण पर रहते हैं तो इसकी जानकारी और समय-सारिणी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्थानीय नागरिकों का यह भी कहना है कि खेती का वर्तमान समय किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सिंचाई, नहरों के रखरखाव और जल प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान आवश्यक है। किसानों ने जिला प्रशासन और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि कार्यालय की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर आम लोगों की सुविधा के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीणों ने यह भी सुझाव दिया कि विभागीय अधिकारियों की कार्यालय में नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा शिकायतों के निराकरण के लिए निर्धारित समय तय किया जाए, ताकि किसानों और आम नागरिकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि उनकी शिकायतों पर संबंधित विभाग और जिला प्रशासन गंभीरता से ध्यान देगा तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएगा, जिससे सिंचाई संबंधी समस्याओं का समय पर समाधान हो सके और किसानों को राहत मिले। समाचार लिखे जाने तक जल संसाधन विभाग या संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।