ओडिशा के कैबिनेट मंत्री सुरेश पुजारी से विधायक पुरंदर मिश्रा की सौजन्य भेंट, नुआखाई पर्व के लिए दिया आमंत्रण
रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने भुवनेश्वर में ओडिशा सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश पुजारी से सौजन्य भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच जनहित से जुड़े विषयों के साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सांस्कृतिक एवं सामाजिक संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। विधायक ने मंत्री को नुआखाई पर्व के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया, जिसे सुरेश पुजारी ने आत्मीयता से स्वीकार किया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा ने भुवनेश्वर में ओडिशा सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश पुजारी से सौजन्य भेंट की। मंत्री के निवास पर हुई इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।
विधायक पुरंदर मिश्रा ने सुरेश पुजारी का कुशलक्षेम जाना और छत्तीसगढ़ तथा ओडिशा के बीच आपसी संबंधों को लेकर भी विचार-विमर्श किया। दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक जुड़ाव को और मजबूत करने की दिशा में बातचीत हुई।
नुआखाई पर्व के लिए दिया आमंत्रण
मुलाकात के दौरान विधायक पुरंदर मिश्रा ने नुआखाई पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कैबिनेट मंत्री सुरेश पुजारी को सादर आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि नुआखाई केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि कृषि संस्कृति, लोक परंपराओं, भाईचारे और सामाजिक समरसता से जुड़ा महत्वपूर्ण उत्सव है।
विधायक ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्रों सहित दोनों राज्यों में नुआखाई पर्व की विशेष सांस्कृतिक पहचान है। यह पर्व लोगों को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश भी देता है।
आत्मीयता से स्वीकार किया आमंत्रण
कैबिनेट मंत्री सुरेश पुजारी ने विधायक पुरंदर मिश्रा के आमंत्रण का आत्मीयता से स्वागत करते हुए इसे स्वीकार किया और आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात में सौहार्दपूर्ण वातावरण रहा।
विधायक पुरंदर मिश्रा और सुरेश पुजारी की इस भेंट को छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सांस्कृतिक एवं सामाजिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों राज्यों की साझा परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक जुड़ाव को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे संवाद को उपयोगी बताया गया।
नुआखाई पर्व के माध्यम से कृषि परंपरा, प्रकृति के प्रति आभार और सामाजिक एकजुटता की भावना को भी बढ़ावा मिलता है। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।