भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनेगी विकास की दूरदर्शी कार्ययोजना, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को दिए गुणवत्ता और समयबद्धता के निर्देश

उप मुख्यमंत्री एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में विकास कार्यों में तेजी, गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सड़क के बीच बिजली खंभे लगाने के मामले में जांच और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए, वहीं बैठक से अनुपस्थित चार अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी करने कहा गया। बिलासपुर में जलभराव के स्थायी समाधान, सड़कों की मरम्मत, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, किसानों के एग्रीस्टैक पंजीयन और मल्हार-रतनपुर के समन्वित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने पर भी जोर दिया गया।

Aug 9, 2026 - 12:53
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भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनेगी विकास की दूरदर्शी कार्ययोजना, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को दिए गुणवत्ता और समयबद्धता के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. बिलासपुर l उप मुख्यमंत्री एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को वर्तमान जरूरतों के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर दूरदर्शी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। बिलासपुर में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बैठक के दौरान बिल्हा क्षेत्र के बरतोरी से मोहतरा मार्ग पर सड़क के बीच बिजली के खंभे लगाए जाने के मामले पर उप मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने जिला पंचायत के सीईओ को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जांच में लापरवाही या दोष सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की बात कही गई। बैठक से अनुपस्थित बिल्हा, कोटा और तखतपुर जनपद पंचायतों के सीईओ तथा रतनपुर नगर पालिका के सीएमओ को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

जलभराव और सड़कों की समस्या पर विशेष जोर

बिलासपुर शहर में बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अरुण साव ने स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि बारिश से सड़कों पर होने वाले गड्ढों और क्षति की पहचान पहले से की जाए, ताकि बारिश समाप्त होते ही मरम्मत और सुधार कार्य शुरू किए जा सकें। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने की बात कही।

मौसमी बीमारियों की रोकथाम

बैठक में मलेरिया सहित अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने गांव स्तर तक निगरानी मजबूत करने और मितानिनों के स्तर तक आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि कोटा विकासखंड में अब तक मलेरिया के 48 मरीज मिले हैं, जिनमें 6 मरीज उपचाररत हैं। प्रभावित क्षेत्रों में रोटरी क्लब के सहयोग से 1500 मच्छरदानियां वितरित की जा रही हैं।

किसानों के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन जरूरी

कृषि विभाग की समीक्षा में जिले में पर्याप्त बारिश और अच्छी फसल स्थिति की जानकारी दी गई। खाद-बीज की उपलब्धता भी पर्याप्त बताई गई। उप मुख्यमंत्री ने धान खरीदी के लिए किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गांव-गांव शिविर लगाकर किसानों को पंजीयन की जानकारी देने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि पंजीयन के अभाव में कोई किसान धान बेचने से वंचित न रहे।

मल्हार-रतनपुर के विकास का बनेगा मास्टर प्लान

ऐतिहासिक नगरी मल्हार और रतनपुर के समन्वित एवं सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसमें दोनों क्षेत्रों की ऐतिहासिक विरासत, पर्यटन संभावनाओं और भविष्य की जरूरतों को शामिल करने पर जोर दिया गया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, अधोसंरचना और साफ-सफाई से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

जल जीवन मिशन की समीक्षा में जिले की 804 सिंगल विलेज योजनाओं में से 310 योजनाओं के पूर्ण होने की जानकारी दी गई। इनमें 219 योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित हो चुकी हैं। उप मुख्यमंत्री ने योजनाओं के बेहतर संचालन और रखरखाव के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

समीक्षा बैठक के बाद जिला अस्पताल की जीवनदीप समिति और शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की आयुष समिति की बैठक भी हुई। इनमें अस्पताल और महाविद्यालय की सुविधाओं तथा विकास कार्यों से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा कर कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में विधायक, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर, एसएसपी, नगर निगम आयुक्त, जिला पंचायत सीईओ और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।