बेमेतरा में जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी का स्कूलों का औचक निरीक्षण, विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद
बेमेतरा जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी ने जिले के तीन शासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता परखी, शिक्षकों से चर्चा की और शिक्षा की गुणवत्ता के साथ मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l बेमेतरा जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी ने विभिन्न शासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम कठिया रांका स्कूल, शासकीय हाई स्कूल उमरिया तथा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दाढ़ी पहुंचकर शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की पढ़ाई और विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कल्पना योगेश तिवारी सीधे कक्षाओं में पहुंचीं और विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पाठ पढ़वाया, ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न हल करवाए तथा गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और अन्य विषयों से संबंधित सवाल पूछकर उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक स्तर का आकलन किया। विद्यार्थियों ने भी आत्मविश्वास के साथ उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने विद्यार्थियों से यह भी जाना कि स्कूल में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति रहती है या नहीं, पढ़ाई किस प्रकार कराई जाती है और किन विषयों को समझने में उन्हें कठिनाई आती है। उन्होंने बच्चों को बिना किसी झिझक अपनी समस्याएं साझा करने के लिए प्रेरित किया, ताकि शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जा सकें।
इसके बाद उन्होंने शिक्षकों के साथ बैठक कर विद्यालयों की शैक्षणिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम, पढ़ाई की गुणवत्ता और स्कूलों में आवश्यक संसाधनों की जानकारी ली। साथ ही शिक्षकों को कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने और प्रत्येक छात्र तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं का भी अवलोकन किया गया। पुस्तकालय, ब्लैकबोर्ड, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, कक्षाओं की स्थिति तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि केवल भवन और भौतिक सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। इन संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना ही वास्तविक उद्देश्य होना चाहिए।
कल्पना योगेश तिवारी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है। यदि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, प्रेरित शिक्षक और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे भविष्य में जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सीखने की रुचि विकसित करने पर भी विशेष बल दिया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग और मेहनत को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो समाज और राष्ट्र के विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। "शिक्षित बेमेतरा – समृद्ध बेमेतरा" केवल एक नारा नहीं, बल्कि जिले के सर्वांगीण विकास का संकल्प है, जिसे जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के संयुक्त प्रयासों से साकार किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जिले के सभी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य का अवसर मिल सके।