उप जेल मनेन्द्रगढ़ का निरीक्षण, बंदियों को मिल रही सुविधाओं और विधिक सहायता का लिया जायजा

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत मनेन्द्रगढ़ उप जेल का जिला स्तरीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बंदियों को उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, भोजन, स्वच्छता, विधिक सहायता और लीगल एड क्लीनिक की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बंदियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।

Jun 29, 2026 - 17:16
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उप जेल मनेन्द्रगढ़ का निरीक्षण, बंदियों को मिल रही सुविधाओं और विधिक सहायता का लिया जायजा

UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, कोरिया l राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशों तथा उच्चतम न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में सोमवार को मनेन्द्रगढ़ उप जेल का जिला स्तरीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, विधिक सहायता तथा जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करना था।

निरीक्षण का नेतृत्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष अमृता दिनेश मिश्रा ने किया। उनके साथ गठित जिला स्तरीय निरीक्षण समिति के सदस्य भी मौजूद रहे। निरीक्षण दल में कलेक्टर मनेन्द्रगढ़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव तथा जिला विजिटर बोर्ड के सदस्य शामिल थे।

निरीक्षण के दौरान समिति ने उप जेल में बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया। अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं तथा जेल परिसर की समग्र व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। बैरकों, शौचालयों और अन्य आवश्यक स्थानों की साफ-सफाई का भी अवलोकन किया गया।

समिति ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि सभी बंदियों को समय पर विधिक सहायता उपलब्ध हो रही है तथा उनके अधिकारों का संरक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों ने बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान जेल परिसर में संचालित लीगल एड क्लीनिक की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने यह देखा कि बंदियों को कानूनी परामर्श, अधिवक्ता की सहायता तथा अन्य विधिक सेवाएं नियमानुसार उपलब्ध कराई जा रही हैं या नहीं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं और कानूनी सहायता व्यवस्था की भी जानकारी ली गई।

निरीक्षण के दौरान किसी भी बंदी द्वारा जातिगत भेदभाव, उत्पीड़न अथवा अन्य प्रकार की शिकायत नहीं की गई। समिति ने जेल प्रशासन को व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने तथा बंदियों के अधिकारों के संरक्षण के लिए निर्धारित मानकों का निरंतर पालन करने के निर्देश दिए।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत जेलों का नियमित निरीक्षण किया जाता है। इसका उद्देश्य बंदियों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना, जेलों में उपलब्ध सुविधाओं का मूल्यांकन करना तथा आवश्यक सुधारों के लिए सुझाव देना है।

निरीक्षण के दौरान पैनल अधिवक्ता, पैरा लीगल वॉलंटियर तथा संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे नियमित निरीक्षणों से जेल प्रशासन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा तथा बंदियों को बेहतर सुविधाएं और समय पर न्यायिक सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।