प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से रायगढ़ की 27,049 माताओं को मिला आर्थिक संबल
रायगढ़ जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत वर्ष 2023-24 से अब तक 27,049 महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। योजना के तहत प्रथम जीवित संतान पर 5 हजार रुपये और द्वितीय संतान बालिका होने पर 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। वर्ष 2026-27 में 18 अगस्त तक जिले में 4,432 नई महिलाओं की एंट्री की गई है। योजना का उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बेहतर पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और मातृत्व संबंधी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ रायगढ़ जिले की महिलाओं को लगातार मिल रहा है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से प्रदान की जाती है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार वर्ष 2023-24 से अब तक रायगढ़ जिले में 27,049 महिलाएं योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं। वहीं वर्ष 2026-27 में 18 अगस्त 2026 तक 4,432 महिलाओं की नई एंट्री की जा चुकी है। विभाग द्वारा जिले के विभिन्न परियोजना क्षेत्रों में पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ने का कार्य लगातार जारी है।
प्रथम संतान पर 5 हजार और दूसरी संतान बालिका होने पर 6 हजार रुपये
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के लिए कुल 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। इसमें पहली किस्त के रूप में 3 हजार रुपये और दूसरी किस्त के रूप में 2 हजार रुपये दिए जाते हैं। वहीं द्वितीय संतान बालिका होने पर 6 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने तथा प्रसव पूर्व और प्रसव पश्चात स्वास्थ्य देखभाल में आर्थिक सहयोग देना है। राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचने से लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से योजना का लाभ मिलता है।
खरसिया में सबसे ज्यादा 607 नई एंट्री
वर्ष 2026-27 में 18 अगस्त तक जिले में हुई 4,432 नई एंट्री में खरसिया परियोजना क्षेत्र सबसे आगे रहा। यहां 607 महिलाओं को योजना से जोड़ा गया है। इसके बाद रायगढ़ ग्रामीण में 600, धरमजयगढ़ में 528, रायगढ़ शहरी में 500 और पुसौर में 495 महिलाओं की नई एंट्री हुई।
इसी तरह तमनार में 457, कापू में 378, घरघोड़ा में 342, लैलूंगा में 288 और मुकडेगा में 237 महिलाओं को योजना से जोड़ा गया। नई एंट्री में 3,324 प्रथम संतान वाली और 1,108 द्वितीय संतान वाली महिलाएं शामिल हैं।
इन महिलाओं को मिल सकता है योजना का लाभ
योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाएं, 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाली महिलाएं, गरीबी रेखा से नीचे राशन कार्ड धारक, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की लाभार्थी, ई-श्रम कार्ड धारक, किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिला किसान, मनरेगा जॉब कार्ड धारक और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के राशन कार्ड धारक महिलाओं को पात्रता के अनुसार लाभ मिल सकता है।
इसके अलावा 8 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाली महिलाएं तथा निर्धारित पात्रता के अंतर्गत गर्भवती एवं धात्री आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सहायिका और आशा कार्यकर्ता भी योजना का लाभ ले सकती हैं।
जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया
योजना के लिए पात्र महिलाओं को निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध कराने होते हैं। इनमें आधार कार्ड या आधार संख्या, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, माता एवं शिशु सुरक्षा कार्ड, अंतिम माहवारी की तिथि, प्रथम प्रसव पूर्व जांच की तिथि और आधार से जुड़ा बैंक खाता शामिल हैं। बैंक खाता राष्ट्रीय भुगतान निगम से संबद्ध होना तथा लाभार्थी का चेहरा पहचान सत्यापन भी प्रक्रिया का हिस्सा है।
प्रथम जीवित संतान की दूसरी किस्त के लिए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और माता एवं शिशु सुरक्षा कार्ड के अनुसार 14 सप्ताह तक के टीकाकरण का विवरण आवश्यक है। द्वितीय संतान बालिका होने पर भी निर्धारित दस्तावेज और टीकाकरण संबंधी प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।
18 वर्ष से कम उम्र की महिलाएं और शासकीय कर्मचारी अपात्र
योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र की हितग्राही और शासकीय कर्मचारी योजना के लिए अपात्र हैं। इसलिए आवेदन से पहले पात्रता की जानकारी लेना जरूरी है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले के माध्यम से योजना की जानकारी पात्र महिलाओं तक पहुंचाई जा रही है। विभाग का प्रयास है कि पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाएं योजना से वंचित न रहें।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रही है। साथ ही यह योजना सुरक्षित मातृत्व और मां-बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना की विस्तृत जानकारी के लिए महिलाएं महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय या नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क कर सकती हैं।