पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा ने कुष्ठ बस्ती में मनाई होली, परिवार संग रोगियों के साथ साझा की खुशियां

रायपुर उत्तर के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा ने अपने परिवार के साथ कुष्ठ बस्ती में जाकर कुष्ठ रोगियों के साथ होली मनाई। उन्होंने रंग-गुलाल लगाकर सभी को शुभकामनाएं दीं और समाज में अपनत्व और समानता का संदेश दिया।

Mar 7, 2026 - 12:30
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पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा ने कुष्ठ बस्ती में मनाई होली, परिवार संग रोगियों के साथ साझा की खुशियां

UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | होली का त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारे और खुशियों को साझा करने का प्रतीक माना जाता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए रायपुर उत्तर के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा ने अपने परिवार के साथ कुष्ठ बस्ती में निवासरत कुष्ठ रोगियों के बीच जाकर होली का पर्व मनाया। इस अवसर पर उन्होंने सादगी और अपनत्व के साथ रंग-गुलाल लगाकर सभी के साथ खुशियां साझा कीं।

कार्यक्रम के दौरान कुलदीप सिंह जुनेजा ने कुष्ठ बस्ती में रहने वाले लोगों को होली की शुभकामनाएं दीं और उनके साथ समय बिताया। उन्होंने कहा कि त्योहार केवल अपने परिवार या मित्रों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के हर वर्ग के लोगों के साथ खुशियां साझा करने का अवसर होना चाहिए।

पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा कई वर्षों से इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं। वे हर वर्ष होली के अवसर पर कुष्ठ बस्ती पहुंचकर वहां के निवासियों के साथ रंगों का त्योहार मनाते हैं। उनका मानना है कि समाज के ऐसे वर्ग जो अक्सर मुख्यधारा से दूर रह जाते हैं, उनके साथ त्योहार मनाने से उन्हें अपनापन और सम्मान का एहसास होता है।

इस अवसर पर जुनेजा परिवार के सदस्यों ने भी कुष्ठ बस्ती के निवासियों के साथ घुल-मिलकर होली खेली। सभी ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर खुशियां बांटी और त्योहार की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान माहौल पूरी तरह उत्साह और उमंग से भरा रहा।

कुलदीप सिंह जुनेजा ने कहा कि होली का त्योहार हमें आपसी भेदभाव भूलकर एक-दूसरे के करीब आने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि समाज के हर व्यक्ति को समान सम्मान और प्रेम मिलना चाहिए। इसी भावना के साथ वे हर साल कुष्ठ बस्ती में जाकर होली मनाते हैं।

कुष्ठ बस्ती के निवासियों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि जब कोई जनप्रतिनिधि या सामाजिक व्यक्ति उनके बीच आकर त्योहार मनाता है, तो उन्हें समाज से जुड़ाव और सम्मान का अनुभव होता है। इससे उनके भीतर सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी एक-दूसरे को होली की बधाई दी और स्वस्थ एवं सुखद जीवन की कामना की। कार्यक्रम के दौरान पूरा माहौल रंगों और खुशियों से सराबोर रहा।

कुल मिलाकर यह आयोजन केवल होली का उत्सव नहीं था, बल्कि समाज में समानता, संवेदनशीलता और मानवता का संदेश देने वाला एक प्रेरणादायक उदाहरण भी बना।