सावन के अंतिम सोमवार पर सोमनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 30 हजार श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात रही पुलिस
सावन के अंतिम सोमवार पर तिल्दा-नेवरा के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में करीब 25 से 30 हजार श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भीड़ उमड़ी। भारी भीड़ को देखते हुए रायपुर पुलिस ग्रामीण ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण के व्यापक इंतजाम किए। संभावित विवाद और मारपीट की आशंका को देखते हुए पुलिस ने जांच के दौरान करीब 100 भारी कड़े जब्त किए। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस की सतर्कता और लगातार पेट्रोलिंग के चलते सोमनाथ मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा नेवरा l सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर तिल्दा-नेवरा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार रात से ही श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो सोमवार देर रात तक जारी रहा। रायपुर सहित कवर्धा, गरियाबंद, बेमेतरा, बालोद और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोमनाथ मंदिर पहुंचे।
अंतिम सोमवार के अवसर पर मंदिर परिसर और आसपास के मेला क्षेत्र में करीब 25 से 30 हजार श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भारी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और यातायात को लेकर व्यापक इंतजाम किए थे।
मारपीट की आशंका को देखते हुए करीब 100 कड़े जब्त
भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से विशेष सतर्कता बरती। मेले में किसी विवाद या मारपीट की स्थिति में हाथों में पहने जाने वाले भारी कड़े चोट का कारण बन सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस टीमों ने जांच के दौरान श्रद्धालुओं के हाथों से करीब 100 कड़े जब्त किए।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई किसी को परेशान करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि संभावित विवाद और मारपीट की स्थिति में गंभीर चोट की आशंका को कम करने के लिए एहतियाती कदम के रूप में की गई। पुलिस का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मेले में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना था।
30 हजार श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था
अंतिम सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र, पहुंच मार्गों और प्रमुख भीड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस जवानों ने लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी करते हुए श्रद्धालुओं तथा कांवड़ियों की आवाजाही को व्यवस्थित बनाए रखा।
इसके साथ ही पुलिस टीमों ने संदिग्ध व्यक्तियों और बाहरी लोगों की जांच भी की। मेला क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग कर कानून-व्यवस्था पर नजर रखी गई, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सुरक्षा व्यवस्था
सोमनाथ मंदिर मेले की सुरक्षा व्यवस्था पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात चंचल तिवारी के मार्गदर्शन में की गई।
एसडीओपी विधानसभा वीरेंद्र चतुर्वेदी के नेतृत्व में थाना प्रभारी तिल्दा-नेवरा रमाकांत तिवारी और थाना प्रभारी धरसीवा राजेंद्र दीवान सहित पुलिस बल ने मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
पुलिस अधिकारियों और जवानों ने मंदिर परिसर, पहुंच मार्गों, पार्किंग और भीड़ वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी। श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू रखने के साथ यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए भी आवश्यक पुलिस बल लगाया गया था।
देर रात तक जारी रही कांवड़ियों की आवाजाही
सावन के अंतिम सोमवार पर कवर्धा, गरियाबंद, बेमेतरा, बालोद सहित आसपास के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कांवड़िए सोमनाथ मंदिर पहुंचे। कांवड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं की आवाजाही सोमवार देर रात तक जारी रही।
भारी भीड़ के बावजूद पुलिस अधिकारियों और जवानों ने पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी। लगातार पेट्रोलिंग, बेहतर समन्वय और व्यापक सुरक्षा प्रबंधों के चलते सोमनाथ मेला शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हुआ।
पुलिस की ओर से भीड़ नियंत्रण के साथ संभावित विवाद, मारपीट और अन्य अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक एहतियाती कार्रवाई की गई, जिससे पूरे आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रही।