मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाबा कर्मेश्वर का किया रुद्राभिषेक, कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम कर्रा में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। उन्होंने बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने बताया कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक करीब 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं, जबकि तीर्थ दर्शन योजना से करीब 10 हजार श्रद्धालु लाभान्वित हुए हैं।

Aug 26, 2026 - 20:55
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाबा कर्मेश्वर का किया रुद्राभिषेक, कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बुधवार को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम कर्रा पहुंचे, जहां उन्होंने आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम पहुंचकर भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की।

मुख्यमंत्री ने ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि बाबा कर्मेश्वर की कृपा से यह क्षेत्र लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाएगी।

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्रा की पावन भूमि पर श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा का आयोजन सौभाग्य की बात है। उन्होंने कथावाचक आचार्य दिव्यानंद जी महाराज को नमन करते हुए आयोजन समिति और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पवित्र श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है और उन्होंने भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ के प्रत्येक परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

आध्यात्मिक विरासत को सहेजने पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध परंपराओं वाली भूमि है। यह माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। प्रदेश के गांव-गांव में प्राचीन शिवालय, देवी मंदिर और लोक आस्था के केंद्र मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा संबंध है। राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक करीब 50 हजार श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आस्था और तीर्थ दर्शन की इच्छा को ध्यान में रखते हुए तीर्थ दर्शन योजना भी शुरू की गई है। इसके अंतर्गत देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों को चिन्हांकित किया गया है। अब तक करीब 10 हजार श्रद्धालु इस योजना का लाभ लेकर विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

बाबा कर्मेश्वर धाम की विशेष पहचान

ग्राम कर्रा स्थित बाबा कर्मेश्वर धाम क्षेत्र की लोक आस्था का प्राचीन केंद्र माना जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां विराजमान शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ था। जनश्रुति के अनुसार लगभग नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के वृक्ष के खोल में शिवलिंग की उत्पत्ति हुई और तभी से यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है।

वर्तमान में श्री कर्मेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार समिति द्वारा मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है। बाबा कर्मेश्वर धाम से जुड़ी कई लोक मान्यताएं आज भी क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रोपा रुद्राक्ष

मुख्यमंत्री ने बाबा कर्मेश्वर धाम मंदिर परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत अपनी माता जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधरोपण करने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी मंदिर परिसर में बेल का पौधा लगाया। अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी अभियान के तहत पौधरोपण किया।

कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, पत्थलगांव विधायक गोमती साय, आईजी दीपक झा, सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।