मखाना खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, छाती गांव में कृषि मंत्री ने किया निरीक्षण

धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम छाती में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने मखाना खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन को बढ़ावा देने के साथ महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। जिले में वर्तमान में लगभग 80 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना की खेती की जा रही है।

Jul 3, 2026 - 15:50
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मखाना खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, छाती गांव में कृषि मंत्री ने किया निरीक्षण

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और वैकल्पिक कृषि को प्रोत्साहित करने की दिशा में मखाना खेती एक नई संभावना के रूप में उभर रही है। इसी कड़ी में कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड स्थित ग्राम छाती का दौरा कर वहां संचालित मखाना खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने खेतों में पहुंचकर उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण तक की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया और इसे किसानों तथा महिला स्व-सहायता समूहों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को मखाना उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी। इसमें बीज रोपण, पौधों की वृद्धि, फसल प्रबंधन, फल पकने के बाद जलाशय से उसकी निकासी तथा पारंपरिक विधि से प्रसंस्करण कर तैयार मखाना बनाने की पूरी प्रक्रिया शामिल रही। अधिकारियों ने बताया कि मखाना की फसल सामान्यतः छह से आठ माह में तैयार होती है, जिसके बाद प्रसंस्करण के जरिए उच्च गुणवत्ता वाला उत्पाद प्राप्त होता है।

ग्राम छाती में महिला शैलपुत्री और नई किरण महिला स्व-सहायता समूह लगभग 29 एकड़ क्षेत्र में मखाना की खेती कर रहे हैं। इस पहल से स्थानीय महिलाओं को रोजगार और नियमित आय का अवसर मिल रहा है। साथ ही क्षेत्र में पारंपरिक खेती के साथ वैकल्पिक कृषि को भी बढ़ावा मिल रहा है।

रामविचार नेताम ने कहा कि मखाना एक उच्च मूल्य वाली पोषक फसल है, जिसकी बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और प्रभावी विपणन व्यवस्था विकसित करना भी आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी को और मजबूत किया जाए ताकि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाया जा सके।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में इस प्रकार के नवाचार किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति देंगे। सरकार का उद्देश्य किसानों को ऐसी फसलों की ओर प्रोत्साहित करना है, जिनसे कम क्षेत्र में अधिक लाभ प्राप्त हो सके।

जिला प्रशासन ने बताया कि धमतरी जिले में वर्तमान में लगभग 80 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना की खेती की जा रही है। इसके अलावा नगरी विकासखंड में लगभग 100 एकड़ अतिरिक्त क्षेत्र में मखाना उत्पादन का विस्तार करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि की जा सके।

निरीक्षण के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी, कृषि विभाग के संचालक राहुल देव तथा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। कृषि विभाग का मानना है कि यदि इस मॉडल का विस्तार सफलतापूर्वक किया गया तो आने वाले वर्षों में धमतरी जिला मखाना उत्पादन के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो सकता है, जिससे किसानों की आय और ग्रामीण रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।