एमएसएमई महोत्सव में उद्योग नीति और स्टार्टअप पर मिला मार्गदर्शन, व्यापारियों को बताई गई सरकारी योजनाएं

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और आईसीएआई रायपुर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में एमएसएमई दिवस के अवसर पर "एमएसएमई महोत्सव" संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने औद्योगिक नीति, स्टार्टअप, सरकारी सब्सिडी, बैंक ऋण और स्वरोजगार के अवसरों पर विस्तार से जानकारी देते हुए व्यापारियों और नए उद्यमियों का मार्गदर्शन किया।

Jun 27, 2026 - 12:08
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एमएसएमई महोत्सव में उद्योग नीति और स्टार्टअप पर मिला मार्गदर्शन, व्यापारियों को बताई गई सरकारी योजनाएं

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) की रायपुर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में एमएसएमई दिवस के उपलक्ष्य में बॉम्बे मार्केट स्थित चौधरी देवीलाल व्यापार उद्योग भवन में अर्धदिवसीय संगोष्ठी "एमएसएमई महोत्सव" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सरकारी योजनाओं, औद्योगिक नीति और स्टार्टअप से जुड़े अवसरों की जानकारी देना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सतीश थौरानी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में शिव कुमार राठौर तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में एल.के. परगनिहा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।

आईसीएआई रायपुर शाखा की अध्यक्ष रश्मि वर्मा और सचिव ऋषिकेश यादव ने इस संयुक्त पहल को व्यापारियों, उद्योगपतियों और प्रोफेशनल्स के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम उद्यमियों को नई संभावनाओं से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में सतीश थौरानी ने कहा कि एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ है, जो रोजगार सृजन और नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि आज सरकारी योजनाओं के माध्यम से बिना संपार्श्विक (कोलेटरल) के भी बैंक ऋण उपलब्ध हो रहे हैं, इसलिए पूंजी की कमी उद्यम शुरू करने में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से केवल कर सलाहकार की भूमिका तक सीमित न रहकर उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और वित्तीय अनुशासन की सही जानकारी देने का आह्वान किया।

चेम्बर के वाइस चेयरमेन चेतन तारवानी ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में सही जानकारी ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि कई बार स्थानीय उद्योग सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव में मिलने वाले लाभ से वंचित रह जाते हैं। ऐसे आयोजन व्यापारियों को उद्योग नीति, सब्सिडी और प्रोत्साहन योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

दूसरे सत्र में मौसमी राहा ने स्टार्टअप नीति, नवाचार और सरकारी सहायता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकारी सहयोग और सही योजना के माध्यम से नए विचारों को सफल व्यवसाय में बदला जा सकता है। प्रोजेक्टर के माध्यम से एमएसएमई योजनाओं, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी और स्टार्टअप सहायता की पूरी जानकारी प्रतिभागियों को सरल भाषा में समझाई गई।

इसके बाद चार्टर्ड अकाउंटेंट अरिहंत कुमार बोथरा ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति और केंद्र सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक इकाइयों को स्टाम्प ड्यूटी में छूट, बिजली शुल्क में राहत, पूंजी निवेश पर कैश सब्सिडी, ब्याज अनुदान, बिना गारंटी ऋण, उद्यम पंजीकरण के लाभ, सरकारी खरीद में प्राथमिकता तथा पेटेंट और महिला उद्यमियों के लिए विशेष सहायता जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में व्यापारियों, स्टार्टअप उद्यमियों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने विशेषज्ञों से औद्योगिक नीतियों, सब्सिडी, बैंक ऋण और स्टार्टअप सहायता से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने सभी जिज्ञासाओं का व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया। बड़ी संख्या में उद्योगपति, व्यापारी, स्टार्टअप उद्यमी और प्रोफेशनल्स की भागीदारी के साथ संपन्न यह संगोष्ठी एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत बनाने और नए उद्यमों को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।