बीजापुर में एनआरसी और आंगनबाड़ी पहुंचीं लक्ष्मी राजवाड़े, कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को दिया बल

बीजापुर प्रवास के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) और तहसीलपारा आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं से संवाद कर पोषण, स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा अधिकारियों को सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के निर्देश दिए।

Jun 28, 2026 - 13:15
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बीजापुर में एनआरसी और आंगनबाड़ी पहुंचीं लक्ष्मी राजवाड़े, कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को दिया बल

UNITED NEWS OF ASIA. बीजापुर l महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने दो दिवसीय बीजापुर प्रवास के दौरान जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) और तहसीलपारा आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर कुपोषण उन्मूलन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं से संवाद किया तथा अधिकारियों को सेवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बढ़ाने के निर्देश दिए।

जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में मंत्री ने उपचाररत बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों और विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक बच्चे की नियमित निगरानी, गुणवत्तापूर्ण पोषण और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य से जुड़ा अभियान है। राज्य सरकार कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है

निरीक्षण के दौरान लक्ष्मी राजवाड़े ने माताओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना सहित विभिन्न मातृ एवं शिशु कल्याण योजनाओं की जानकारी दी और पात्र हितग्राहियों से इन योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने बच्चों के बीच पहुंचकर चॉकलेट वितरित की, उनसे बातचीत की और कुछ समय उनके साथ बिताया। इस दौरान उपस्थित माताओं और कर्मचारियों ने भी मंत्री के साथ आत्मीय संवाद किया।

तहसीलपारा आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों ने कविता प्रस्तुत कर मंत्री का स्वागत किया। बच्चों की प्रस्तुति से उत्साहित होकर लक्ष्मी राजवाड़े ने उनके साथ गीत भी गाया और उन्हें नियमित रूप से आंगनबाड़ी आने, पढ़ाई करने तथा पौष्टिक भोजन लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, शिक्षा और संस्कार के विकास का महत्वपूर्ण आधार हैं।

मंत्री ने गर्भवती महिलाओं को मुनगा (सहजन) के पौधे वितरित करते हुए इसके पोषण और औषधीय गुणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुनगा आयरन, कैल्शियम, विटामिन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने महिलाओं से अपने घरों में मुनगा का पौधा लगाने और इसके नियमित सेवन को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।

आंगनबाड़ी परिसर में मुनगा का पौधरोपण करते हुए मंत्री ने पोषण संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी और प्रत्येक घर में मुनगा का पौधा लगाने से कुपोषण उन्मूलन अभियान को नई गति मिलेगी और परिवारों को प्राकृतिक पोषण का स्थायी स्रोत मिलेगा।

लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा तथा सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि मजबूत आंगनबाड़ी व्यवस्था, प्रभावी पोषण पुनर्वास केंद्र और जनभागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाने का लक्ष्य अवश्य पूरा होगा।