बदलते बस्तर की नई तस्वीर: जगरगुंडा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनीं लक्ष्मी राजवाड़े
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुकमा जिले के जगरगुंडा, चिंतलनार, पूर्वर्ती और सिलगेर का दौरा किया। सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनने के साथ उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया, महिला स्व-सहायता समूहों से संवाद किया और बदलते बस्तर में विकास, विश्वास एवं जनभागीदारी को नई दिशा देने का संदेश दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l बस्तर अब नक्सली हिंसा की पहचान से आगे बढ़कर विकास, विश्वास और जनभागीदारी की नई कहानी लिख रहा है। इसी बदलते बस्तर की तस्वीर को और मजबूत करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुकमा जिले के जगरगुंडा, चिंतलनार, पूर्वर्ती और सिलगेर का एक दिवसीय दौरा किया। इस दौरान वह सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनीं, जिसे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक उपलब्धि माना जा रहा है।
कभी नक्सल गतिविधियों के कारण देशभर में चर्चा में रहने वाला जगरगुंडा आज विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था की नई पहचान बनता दिखाई दे रहा है। मंत्री के दौरे ने यह संदेश दिया कि अब शासन की योजनाएं बस्तर के दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। ग्रामीणों ने भी इस दौरे का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए इसे बदलते बस्तर का नया अध्याय बताया।
दौरे के दौरान लक्ष्मी राजवाड़े ने पूर्वर्ती और सिलगेर स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रमों में भाग लेकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। बच्चों के साथ समय बिताते हुए उन्होंने उनके पोषण और शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से योजनाओं के प्रभावी संचालन पर चर्चा की।
ग्रामीण महिलाओं के साथ संवाद करते हुए उन्होंने विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी और अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र कभी असुरक्षा और हिंसा के कारण पीछे रह गए थे, वहीं आज महिला सशक्तिकरण, पोषण, शिक्षा और आजीविका के नए केंद्र बन रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
प्रवास के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत जगरगुंडा स्थित कृतिका महिला संकुल स्तरीय संगठन (सीएलएफ) भवन का लोकार्पण भी किया गया। इस अवसर पर महिला समूहों से चर्चा करते हुए उन्होंने आजीविका गतिविधियों को मजबूत बनाने, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने और स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि पहली बार कोई महिला मंत्री सड़क मार्ग से सीधे जगरगुंडा पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और संवाद करने आई हैं। उनके अनुसार इससे शासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है तथा यह महसूस हुआ है कि विकास अब वास्तव में गांवों तक पहुंच चुका है।
लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के अंतिम छोर तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों, स्थानीय नागरिकों और सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में शांति, स्थायित्व और विकास का नया वातावरण तैयार हुआ है, जिसकी झलक आज जगरगुंडा, पूर्वर्ती और सिलगेर जैसे क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।