नक्सलियों की चौपाल से जनचौपाल तक: किसकोड़ो में विजय शर्मा ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
उत्तर बस्तर कांकेर के ग्राम किसकोड़ो में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। कभी नक्सलियों का गढ़ रहे इस गांव में विकास कार्यों की घोषणा करते हुए उन्होंने इसे आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने का भरोसा दिया। स्वास्थ्य, बिजली, सड़क और कृषि से जुड़ी मांगों पर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड का ग्राम किसकोड़ो, जो कभी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता था, अब विकास और लोकतंत्र की नई पहचान बनता दिखाई दे रहा है। शुक्रवार, 26 जून को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गांव पहुंचकर जनचौपाल लगाई और ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। जिस स्थान पर कभी नक्सलियों की बैठकों का आयोजन होता था, वहीं अब लोकतांत्रिक संवाद का मंच सजना क्षेत्र के बदलते हालात का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उप मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। जनचौपाल में किसकोड़ो सहित आसपास की आठ पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, विद्युत व्यवस्था में सुधार, बंडापाल में विद्युत सब-स्टेशन निर्माण, खाद भंडारण केंद्र, स्कूल की बाउंड्रीवाल और मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण जैसी कई आवश्यक मांगें रखीं।
विजय शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को सभी मांगों पर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों की सुविधा के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने और बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश भी दिए। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि किसकोड़ो को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि वर्षों तक भय और हिंसा का सामना करने वाले इस गांव में अब विकास की नई सोच दिखाई दे रही है। ग्रामीणों में अपने क्षेत्र को आगे बढ़ाने का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र और शासन व्यवस्था पर उनका विश्वास लगातार मजबूत हुआ है।
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो एरिया कमेटी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी, लेकिन सुरक्षा बलों और प्रशासन के प्रयासों के बाद यह क्षेत्र अब नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा चुका है। हाल ही में गांव में पेयजल संकट दूर करने के लिए बोर खनन कराया गया, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। दौरे के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया।
जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि पहले यहां नक्सलियों की चौपाल लगती थी, लेकिन आज पहली बार शासन के उप मुख्यमंत्री की चौपाल लगी है। उन्होंने बताया कि कभी शाम होने के बाद लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे और सरकारी कर्मचारी भी यहां पदस्थापना से बचते थे। आज वही गांव विकास, सुरक्षा और लोकतंत्र की मुख्यधारा से जुड़ चुका है।
उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि किसानों को प्रशिक्षण और प्रमाणन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। आसपास की पंचायतों के उत्पादों की ब्रांडिंग और लघु वनोपज प्रसंस्करण की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि कभी भय और बंदूक की पहचान रखने वाला किसकोड़ो अब विकास, विश्वास और लोकतंत्र का नया प्रतीक बनकर उभर रहा है और बदलते बस्तर की नई तस्वीर पूरे प्रदेश के सामने प्रस्तुत कर रहा है।