विद्युत क्षमता वृद्धि से कोंडागांव में मिलेगा निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति
मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के तहत कोंडागांव जिले में 33/11 केवी उपकेंद्र विश्रामपुरी के 3.15 MVA ट्रांसफॉर्मर को बढ़ाकर 5 MVA कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य उपकेंद्रों में भी ट्रांसफॉर्मर क्षमता वृद्धि की प्रक्रिया स्वीकृत कर ली गई है। इस पहल से किसानों सहित सभी उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज और ओवरलोड की समस्या से राहत मिलेगी और विद्युत आपूर्ति अधिक स्थिर होगी।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोण्डागांव। मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत कोंडागांव जिले में विद्युत आपूर्ति प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिले के 33/11 केवी विश्रामपुरी उपकेंद्र में स्थापित 3.15 MVA पावर ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाकर 5 MVA कर दी गई है। इसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में रहने वाले उपभोक्ताओं, विशेषकर कृषि कार्यों पर निर्भर किसानों को अब लो-वोल्टेज और ओवरलोड जैसी समस्याओं से काफी राहत मिलेगी।
यह कार्य वन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक केदार कश्यप, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, तथा कलेक्टर श्रीमती नुपुर राशि पन्ना के निर्देशन में संचालित किया गया।
कार्यपालन अभियंता कोंडागांव आर. एल. सिंहा के प्रयासों तथा कार्यपालक निदेशक (जगदलपुर) टी.के. मेश्राम एवं अधीक्षण अभियंता एच.के. सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में यह कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ।
इसी क्रम में मॉकडी, बीजापुर, किबाई बालेंगा, गिरोला एवं बोरगांव स्थित 33/11 केवी उपकेंद्रों में भी 3.15 MVA ट्रांसफॉर्मर को 5 MVA में अपग्रेड करने की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। साथ ही रांधना, बड़े डोंगर और फरसगांव उपकेंद्रों के विभिन्न 11 केवी फीडरों की क्षमता वृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है।
इन सभी उपायों से जिले में
ओवरलोड समस्या का निवारण,
वोल्टेज संतुलन, एवं निर्बाध व गुणवत्ता पूर्ण बिजली आपूर्ति
सुनिश्चित होगी।
इस पहल से कोंडागांव जिले में विद्युत वितरण व्यवस्था और अधिक सक्षम एवं ग्राहक हितार्थ सिद्ध होगी।