नामांतरण के बदले रिश्वत मांगने वाला फरसगांव तहसील का रीडर ACB के ट्रैप में गिरफ्तार

कोंडागांव जिले के फरसगांव तहसील कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने नामांतरण प्रकरण में रिश्वत लेने के आरोप में तहसीलदार के रीडर मुकेश रंगारी को 10 हजार रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता की सूचना पर ट्रैप कार्रवाई की गई। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

Jun 30, 2026 - 18:47
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नामांतरण के बदले रिश्वत मांगने वाला फरसगांव तहसील का रीडर ACB के ट्रैप में गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l कोंडागांव जिले के फरसगांव तहसील कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नामांतरण प्रकरण में रिश्वत लेने के आरोप में तहसीलदार के रीडर मुकेश रंगारी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया और पूरे दिन इस घटना की चर्चा होती रही।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बारदा निवासी बिसुलाल नेताम ने एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत की थी कि नामांतरण प्रकरण में उनके परिजनों का नाम दर्ज करने के एवज में उनसे 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन किया और आरोपों की पुष्टि होने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता पहले ही आरोपी को दो अलग-अलग किश्तों में 15 हजार और 20 हजार रुपये, कुल 35 हजार रुपये दे चुका था। इसके बाद आरोपी ने शेष राशि की मांग जारी रखी। योजना के तहत गुरुवार को शिकायतकर्ता तीसरी किश्त के रूप में 10 हजार रुपये लेकर तहसील कार्यालय पहुंचा।

जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से घात लगाए एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने उसे मौके पर ही रंगेहाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि जब्त कर ली गई और आवश्यक दस्तावेजों को भी जांच के लिए अपने कब्जे में लिया गया।

एसीबी ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसी अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस कथित रिश्वतखोरी के मामले में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका तो नहीं रही। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद फरसगांव तहसील कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग कार्यालय परिसर में एकत्र हो गए। सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिहाज से एसीबी की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एंटी करप्शन ब्यूरो ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले अवैध रूप से रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना तत्काल एसीबी को दें। शिकायत मिलने पर गोपनीय तरीके से जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल एसीबी पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी के खिलाफ सतर्कता और निगरानी की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।