धमतरी में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग ने धमतरी जिले में छापामार कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि तीन अन्य दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

Jun 26, 2026 - 11:35
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धमतरी में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद-उर्वरक उपलब्ध कराने तथा जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से कृषि विभाग ने जिले में सघन निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान के तहत विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों पर आकस्मिक जांच की गई, जिसमें अनियमितताएं पाए जाने पर दो विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए, जबकि तीन अन्य प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

संचालक कृषि राहुल देव और कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर उप संचालक कृषि एवं अनुविभागीय कृषि अधिकारी की मौजूदगी में जिले के विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान विकासखंड धमतरी के रूपाली कृषि केन्द्र रामबाग, सांई कृषि केन्द्र दानीटोला, सूरज कृषि केन्द्र कोलियारी, कुणाल कृषि केन्द्र कोलियारी, यादव खाद भंडार दानीटोला, भगवती कृषि केन्द्र, संजय कृषि केन्द्र आमदी, कैलाश सेल्स कार्पोरेशन धमतरी तथा विकासखंड कुरूद के किसान सेवा केन्द्र मड़ईभाठा, साहू कृषि केन्द्र इर्रा, किसान बीज उत्पादक केन्द्र कोर्रा, सुनील कृषि केन्द्र कचना और सत्यम शिवम कृषक क्लब भखारा का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान यादव खाद भंडार दानीटोला और रूपाली कृषि केन्द्र रामबाग में पीओएस मशीन के रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा दोनों दुकानों पर मूल्य सूची एवं स्टॉक सूची का प्रदर्शन भी नहीं किया गया था। पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन अनियमितताओं को उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।

इसके अलावा कुणाल कृषि केन्द्र कोलियारी, सूरज कृषि केन्द्र कोलियारी तथा सांई कृपा कृषि केन्द्र दानीटोला में भी निरीक्षण के दौरान विभिन्न अनियमितताएं पाई गईं। इन प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त जवाब का परीक्षण करने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग ने बताया कि 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक जिले में विशेष उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान संचालित किया जाएगा। इस दौरान जमाखोरी, कालाबाजारी, टैगिंग, निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री तथा बिना पीओएस मशीन के उर्वरक विक्रय जैसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

विभाग के अनुसार जिले में किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। अब तक सहकारी समितियों के माध्यम से 16,957.34 मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों या लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद-उर्वरक खरीदें। जिला प्रशासन का उद्देश्य खरीफ सीजन में सभी किसानों को समय पर पर्याप्त खाद और बीज उपलब्ध कराना तथा फसल उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करना है।