दंतेवाड़ा में भाकपा की रैली, जन मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

दंतेवाड़ा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने विभिन्न जन मुद्दों को लेकर रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने ग्राम सभाओं की सहमति के बिना विकास कार्य शुरू किए जाने का विरोध किया तथा एनएमडीसी परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं की भर्ती प्रक्रिया तेज करने की मांग उठाई।

Jul 1, 2026 - 14:02
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दंतेवाड़ा में भाकपा की रैली, जन मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने विभिन्न जन मुद्दों को लेकर दंतेवाड़ा में रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। रैली में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने ग्राम सभाओं के अधिकार, स्थानीय रोजगार और विकास कार्यों में पारदर्शिता सहित कई मांगों को प्रमुखता से उठाया।

रैली के बाद सौंपे गए ज्ञापन में भाकपा ने आरोप लगाया कि जिले के कई क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की सहमति लिए बिना विकास कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि यह प्रक्रिया पेसा कानून की भावना के विपरीत है और आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभाओं के अधिकारों का उल्लंघन करती है। भाकपा ने मांग की कि किसी भी विकास परियोजना को शुरू करने से पहले संबंधित ग्राम सभा की वैधानिक सहमति अनिवार्य रूप से ली जाए।

ज्ञापन में ग्राम सभा क्रमांक-4 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र का भी उल्लेख किया गया, जहां पार्टी के अनुसार ग्रामीणों के विरोध के बावजूद कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसी प्रकार गुमियापाल पंचायत के आलनार क्षेत्र में भी ग्रामीणों की असहमति के बावजूद कार्य किए जाने का आरोप लगाया गया। भाकपा का कहना है कि इस प्रकार की कार्यवाही से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है और प्रशासन को इस विषय में गंभीरता से विचार करना चाहिए।

पार्टी ने किरंदुल-बचेली क्षेत्र में संचालित एनएमडीसी परियोजनाओं में एल-1 और एल-2 श्रेणी की लंबित भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग भी रखी। भाकपा का कहना है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए और रिक्त पदों पर समयबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए, ताकि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

इसके अलावा ज्ञापन में जनहित से जुड़े विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, कथित फर्जी ग्राम सभाओं पर रोक लगाने तथा वास्तविक ग्राम सभाओं की सहमति को अनिवार्य बनाने की मांग की गई। पार्टी का कहना है कि विकास कार्य स्थानीय लोगों की सहभागिता और सहमति से ही किए जाने चाहिए, जिससे क्षेत्र में विश्वास और पारदर्शिता बनी रहे।

भाकपा नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए ग्रामीणों के हितों को प्राथमिकता देने की अपील की।

रैली शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और ज्ञापन कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया। अब संबंधित मांगों पर शासन और प्रशासन की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं की नजर बनी हुई है।