बलरामपुर के नवाडीह कला में स्वतंत्रता दिवस पर आंगनबाड़ी केंद्र में नहीं हुआ ध्वजारोहण, ग्रामीणों में आक्रोश
बलरामपुर जिले के नवाडीह कला गांव के पश्चिम पारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में 15 अगस्त को ध्वजारोहण नहीं होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की लापरवाही तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की अनुपस्थिति के कारण राष्ट्रीय पर्व पर केंद्र में तिरंगा नहीं फहराया गया। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने शासन-प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने तथा लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l देशभर में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस का पर्व पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। जगह-जगह राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले वीर शहीदों को याद किया गया। लेकिन बलरामपुर जिले के नवाडीह कला गांव से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक निराश करने वाला मामला सामने आया है। गांव के पश्चिम पारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में राष्ट्रीय पर्व के दिन ध्वजारोहण नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
ग्रामीणों के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जब देशभर में तिरंगा शान से लहरा रहा था, उस समय नवाडीह कला के पश्चिम पारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र में ध्वजारोहण की व्यवस्था नहीं की गई और राष्ट्रीय पर्व के दिन भी जिम्मेदार कर्मचारियों की मौजूदगी नहीं रही। इससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की लापरवाही के कारण आंगनबाड़ी केंद्र में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के केंद्र से अक्सर अनुपस्थित रहने की शिकायत भी सामने आती रही है। लोगों के मुताबिक 15 अगस्त जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र में मौजूद नहीं थीं।
ग्रामीणों ने बताया कि जब पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे, उस समय गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में राष्ट्रीय पर्व से जुड़ी कोई गतिविधि नजर नहीं आई। ध्वजारोहण नहीं होने की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों ने जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगने का प्रयास किया।
मामले को लेकर जब पंचायत सचिव से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने पूरे प्रकरण से अनभिज्ञता जताई। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिव का इस तरह पूरे मामले से अनजान होने की बात कहना जिम्मेदारी से बचने जैसा है। सचिव के इस रवैये से ग्रामीणों की नाराजगी और बढ़ गई।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक सामान्य अवकाश का दिन नहीं, बल्कि देश की आजादी और वीर शहीदों के बलिदान की याद दिलाने वाला राष्ट्रीय पर्व है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर किसी सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र में ध्वजारोहण नहीं होना गंभीर लापरवाही का विषय है। ग्रामीणों ने कहा कि राष्ट्रीय पर्व के आयोजन को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए।
अब गुस्साए ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि यह पता लगाया जाए कि स्वतंत्रता दिवस के दिन आंगनबाड़ी केंद्र में ध्वजारोहण क्यों नहीं हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। साथ ही लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग भी की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस देश की शान और गौरव का प्रतीक है। राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर सरकारी संस्थानों में ध्वजारोहण और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना सुनिश्चित करना जिम्मेदारों का दायित्व है। ऐसे में नवाडीह कला के आंगनबाड़ी केंद्र में ध्वजारोहण नहीं होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन द्वारा उचित जांच और कार्रवाई की जानी चाहिए।