स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता खत्म कर इसे वैकल्पिक किया जाए: लक्ष्मी ध्रुव

सिहावा की पूर्व विधायक डॉ लक्ष्मी ध्रुव ने छत्तीसगढ़ सरकार से स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर इसे वैकल्पिक करने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि गांवों में जनसंपर्क के दौरान गरीब, किसान और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं में स्मार्ट मीटर को लेकर नाराजगी सामने आ रही है। उन्होंने बिजली बिल बढ़ने और मीटर रीडिंग से जुड़ी शिकायतों का हवाला देते हुए सरकार से जनहित में निर्णय लेने की मांग की।

Sep 13, 2026 - 13:41
 0  6
स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता खत्म कर इसे वैकल्पिक किया जाए: लक्ष्मी ध्रुव

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l सिहावा की पूर्व विधायक डॉ लक्ष्मी ध्रुव ने छत्तीसगढ़ सरकार से स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर इसे वैकल्पिक किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को गरीब, किसान और मध्यम वर्ग के बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर जनहित में निर्णय लेना चाहिए। डॉ लक्ष्मी ध्रुव ने दावा किया कि गांव-गांव में जनसंपर्क के दौरान उन्हें स्मार्ट मीटर को लेकर आम नागरिकों और विभिन्न वर्गों के लोगों में विरोध और नाराजगी देखने को मिल रही है।

डॉ लक्ष्मी ध्रुव के अनुसार कई उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उनके बिजली बिल में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने दावा किया कि कुछ परिवारों के मुताबिक पहले की तुलना में बिजली का बिल अधिक आने से उनका मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। महिला उपभोक्ताओं की शिकायतों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कई परिवारों को मिलने वाली महतारी वंदन योजना की राशि का एक हिस्सा बिजली बिल चुकाने में खर्च करना पड़ रहा है। हालांकि बिजली बिल और स्मार्ट मीटर की रीडिंग से संबंधित इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि कुछ उपभोक्ता मीटर की रीडिंग को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनके मुताबिक लोगों की शिकायत है कि घर में बिजली के उपकरण बंद रहने के बावजूद मीटर की रीडिंग बढ़ती दिखाई देती है। डॉ लक्ष्मी ध्रुव ने बिजली विभाग और संबंधित एजेंसियों से उपभोक्ताओं की ऐसी शिकायतों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसी भी उपभोक्ता को बिजली खपत और बिलिंग व्यवस्था को लेकर भ्रम या असमंजस नहीं रहना चाहिए।

डॉ लक्ष्मी ध्रुव ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर पुराने मीटरों को उपभोक्ताओं को पूर्व सूचना या सहमति दिए बिना बदलकर स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि स्मार्ट मीटर को अनिवार्य करने के बजाय उपभोक्ताओं को विकल्प दिया जाए। उनका कहना है कि जिन उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर स्वीकार्य है, वे इसे लगवा सकें और जिन लोगों को इससे आपत्ति है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए।

उन्होंने बिजली बिल हाफ योजना का उल्लेख करते हुए पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार और वर्तमान विष्णु देव साय सरकार की बिजली व्यवस्था की तुलना भी की। डॉ लक्ष्मी ध्रुव ने आरोप लगाया कि पहले लोगों को बिजली बिल में राहत मिलती थी, जबकि वर्तमान व्यवस्था में उपभोक्ताओं को अधिक बिल का सामना करना पड़ रहा है। यह उनका राजनीतिक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि यहां नहीं की गई है।

डॉ लक्ष्मी ध्रुव ने सिहावा विधानसभा क्षेत्र में बिजली कटौती का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में दिन और रात में कई बार बिजली गुल होने की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे में उन्होंने सोलर पैनल को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि केवल सोलर पैनल लगाने से बिजली आपूर्ति से जुड़ी स्थानीय समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने सरकार से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।

पूर्व विधायक ने अंत में कहा कि सरकार को बिजली उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर इसे वैकल्पिक बनाने तथा बढ़े हुए बिजली बिल और मीटर रीडिंग से संबंधित शिकायतों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बिजली व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे गरीब, किसान और मध्यम वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।