जशपुर में पुलिस व यूनिसेफ द्वारा “क्लिक सेफ” एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
जशपुर पुलिस और यूनिसेफ ने बालिका पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में “क्लिक सेफ” साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। छात्राओं को ऑनलाइन सुरक्षा, सोशल मीडिया उपयोग, बाल विवाह, मानव तस्करी व लैंगिक समानता के विषयों पर जानकारी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. योगेश यादव, जशपुर (छत्तीसगढ़)। जशपुर पुलिस और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में शासकीय पोस्ट मैट्रिक बालिका छात्रावास जशपुर में “क्लिक सेफ” एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही बालिकाओं को लैंगिक समानता, मानव तस्करी, बाल विवाह जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी जागरूक किया गया और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने हेतु प्रेरित किया गया।
वर्तमान समय में मोबाइल और ऑनलाइन माध्यमों के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। अपराधी तरह-तरह के नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसी उद्देश्य से जशपुर पुलिस यूनिसेफ की मदद से “क्लिक सेफ” कार्यक्रम के तहत साइबर योद्धा तैयार कर रही है, जो बाजार, हाट, स्कूल और कॉलेजों में लोगों को साइबर अपराध, मानव तस्करी, बाल विवाह, नशापान और यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
कार्यक्रम में जशपुर पुलिस की साइबर सेल के डीएसपी (अजाक) भावेश समरथ ने छात्राओं को ऑनलाइन सुरक्षा के मुख्य बिंदुओं की जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें, सोशल मीडिया पर अपनी फोटो या वीडियो शेयर करते समय सावधानी बरतें, अंजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी को भी ओटीपी साझा न करें, क्योंकि यह साइबर ठगी का कारण बन सकता है।
यूनिसेफ की जिला समन्वयक शालिनी गुप्ता ने लिंग भेदभाव, बॉडी शेमिंग और उनसे उत्पन्न मानसिक व सामाजिक प्रभावों पर छात्राओं को जागरूक किया। उन्होंने बाल विवाह और मानव तस्करी के खतरों के बारे में भी जानकारी दी तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर बल दिया।
अंत में जशपुर पुलिस ने अपील की कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि अथवा साइबर अपराध की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और स्वयं भी जागरूक रहें तथा दूसरों को भी जागरूक करें।