महामाया मंदिर फरसियां पहुंचे केंद्रीय अतिरिक्त सचिव कमलकिशोर सोन, विकास और संरक्षण पर हुई चर्चा

महामाया मंदिर 16 पाली समिति फरसियां में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के केंद्रीय अतिरिक्त सचिव कमलकिशोर सोन का आगमन हुआ। इस दौरान मंदिर परिसर, धार्मिक गतिविधियों और महानदी उद्गम स्थल के संरक्षण एवं विकास को लेकर समिति सदस्यों और जनप्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।

May 17, 2026 - 15:37
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महामाया मंदिर फरसियां पहुंचे केंद्रीय अतिरिक्त सचिव कमलकिशोर सोन, विकास और संरक्षण पर हुई चर्चा

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन l जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के केंद्रीय अतिरिक्त सचिव एवं मिशन संचालक कमलकिशोर सोन का महामाया मंदिर 16 पाली समिति फरसियां में आगमन हुआ। उनके साथ डिप्टी सेक्रेटरी उमेश भारद्वाज और केंद्रीय मंत्रालय से जुड़े ओंकेश चंद्रवंशी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर समिति सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

कार्यक्रम के दौरान महामाया मंदिर परिसर में विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें मंदिर क्षेत्र के विकास, धार्मिक गतिविधियों के विस्तार और महानदी उद्गम स्थल के संरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

केंद्रीय अतिरिक्त सचिव कमलकिशोर सोन ने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने महानदी उद्गम स्थल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र की स्वच्छता और संरक्षण बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्थानीय लोगों की भागीदारी को विकास कार्यों की सबसे बड़ी ताकत बताया।

बैठक में समिति के सदस्यों ने मंदिर परिसर में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, सौंदर्यीकरण, स्वच्छता व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने से जुड़े सुझाव रखे। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सड़क, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि महामाया मंदिर क्षेत्र धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ प्राकृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यहां स्थित महानदी उद्गम स्थल को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र का व्यवस्थित विकास होने से स्थानीय लोगों को भी रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर मिल सकते हैं।

बैठक के दौरान मंदिर परिसर के भविष्य के विकास को लेकर कई सकारात्मक सुझाव सामने आए। चर्चा में धार्मिक आयोजनों के बेहतर प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

कार्यक्रम के अंत में महामाया 16 पाली समिति की ओर से कमलकिशोर सोन का अभिनंदन किया गया और उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया गया। समिति सदस्यों ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में मंदिर क्षेत्र और महानदी उद्गम स्थल के विकास को नई दिशा मिलेगी।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, सरपंच केशव टेकाम, त्रिलोक साहू, शिवदयाल साहू, खेमेन्द्र साहू, प्रदीप सोन, पूर्णिमा शांडिल्य, उषा सोन, चंपा साहू, अनीता साहू, वाणिका साहू, राजेश सिन्हा, अरुण प्रजापति सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्य और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ते हुए क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में सकारात्मक संदेश दिया।