भारतमाला सड़क में दरारें, डबल इंजन सरकार के भ्रष्टाचार का नमूना: कांग्रेस
रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर परियोजना की निर्माण गुणवत्ता को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि उद्घाटन से पहले ही सड़क में दरारें सामने आना निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौते का संकेत है। कांग्रेस ने परियोजना की स्वतंत्र, उच्च स्तरीय और समयबद्ध जांच की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर परियोजना को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने निर्माण गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि जिस रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला सड़क परियोजना को प्रदेश के विकास की रीढ़ बताया जा रहा है, उसी सड़क में उद्घाटन से पहले ही दरारें दिखाई देने लगी हैं। कांग्रेस ने इसे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल बताते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
वंदना राजपूत ने कहा कि रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर परियोजना को लेकर लगातार निर्माण में देरी, गुणवत्ता और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में सरकार को केवल परियोजना की उपलब्धियों का प्रचार करने के बजाय सड़क निर्माण को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उनका कहना है कि उद्घाटन से पहले सड़क पर दरारें दिखाई देना चिंता का विषय है और इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होते हैं।
कांग्रेस के मुताबिक, सरकार इस परियोजना पर करीब 16 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का दावा कर रही है। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद यदि सड़क के कुछ हिस्सों में निर्माण के बाद ही मरम्मत और सुधार की जरूरत पड़ रही है, तो इसकी गुणवत्ता की जांच जरूरी है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि परियोजना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, तो जगह-जगह सड़क की मरम्मत की आवश्यकता क्यों सामने आ रही है।
वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में विकास परियोजनाओं में जनता की सुविधा और निर्माण गुणवत्ता के बजाय कथित तौर पर कमीशनखोरी और मुनाफाखोरी को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि, ये कांग्रेस द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर के निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराई जाए। सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, निर्माण तकनीक, गुणवत्ता मानकों और संबंधित एजेंसियों की भूमिका की भी जांच की जाए।
कांग्रेस का कहना है कि सड़क जैसी बड़ी सार्वजनिक परियोजना सीधे आम लोगों की आवाजाही और सुरक्षा से जुड़ी होती है। इसलिए निर्माण गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि जांच में भ्रष्टाचार, अनियमितता या गुणवत्ता से समझौते की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल भारतमाला परियोजना की सड़क में सामने आई दरारों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार और संबंधित विभाग इन आरोपों पर क्या जवाब देते हैं और क्या निर्माण गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाती है।