धर्मांतरण पर सरकार विफल, नंदकुमार साय के बयान से भाजपा घिरी: कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस ने धर्मांतरण के मुद्दे पर भाजपा नेता नंदकुमार साय के बयान को सरकार की विफलता का प्रमाण बताते हुए राज्य सरकार पर कानून लागू करने में असफल रहने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार धार्मिक और सामाजिक मुद्दों का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग कर रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह,रायपुर l प्रदेश कांग्रेस ने धर्मांतरण के मुद्दे पर भाजपा नेता नंदकुमार साय के हालिया बयान को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का आरोप है कि यदि नए धर्म स्वातंत्र्य कानून के लागू होने के बाद भी धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है, तो यह सरकार की प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। पार्टी का कहना है कि सरकार इस संवेदनशील विषय का समाधान निकालने के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए इसका उपयोग कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने जारी बयान में कहा कि यदि सरकार दावा करती है कि धर्मांतरण की घटनाएं हो रही हैं, तो कानून लागू होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने सरकार से धर्मांतरण से जुड़े वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करने और कानून के तहत की गई कार्रवाई की जानकारी देने की मांग की।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक बयानबाजी और सामाजिक ध्रुवीकरण का माध्यम बनाया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच वैमनस्य बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जबकि सरकार का दायित्व कानून व्यवस्था बनाए रखना और सामाजिक सद्भाव कायम रखना है।
सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में से अधिकांश समय प्रदेश में भाजपा की सरकार रही है और केंद्र में भी भाजपा लंबे समय से सत्ता में है। इसके बावजूद यदि धर्मांतरण की घटनाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, तो सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कानून के तहत कितने मामलों में कार्रवाई हुई और कितने मामलों में दोषियों को सजा मिली।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि जबरन धर्मांतरण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और कानून के अनुसार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी का कहना है कि संविधान के प्रावधानों के अनुरूप प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है, वहीं जबरन या अवैध तरीके से धर्म परिवर्तन कराने जैसी गतिविधियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होना आवश्यक है।
बयान में यह भी आरोप लगाया गया कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में धर्मांतरण और उससे जुड़े विवादों के मामलों में सरकार प्रभावी हस्तक्षेप करने में असफल रही है। कांग्रेस का कहना है कि कानून लागू होने के बाद भी यदि सामाजिक तनाव और विवाद बढ़ रहे हैं, तो सरकार को इसकी जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि धर्म स्वातंत्र्य कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट की जाए, धर्मांतरण से जुड़े मामलों के आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं और कानून के दायरे में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पार्टी ने कहा कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखना और कानून का समान रूप से पालन कराना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। साथ ही कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे पर दोहरी राजनीति कर रही है और धार्मिक विषयों का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।