मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जनसेवा और जनकल्याण की गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
रक्तदान महाकुंभ में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने भागीदारी की। आयोजन के लिए 3600 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान हेतु पंजीयन कराया था और रक्तदान के लिए 200 बेड की व्यवस्था की गई थी। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इस अवसर पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को उपलब्धि का प्रमाणपत्र और मेडल प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान का महत्व केवल किसी रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्त की प्रत्येक यूनिट किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन की उम्मीद बन सकती है। आयोजन में लगभग 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया था। उन्होंने रक्तदान के लिए आगे आने वाले नागरिकों की सेवा भावना की सराहना की।
कार्यक्रम में प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत देहदान का संकल्प लेने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया। आयोजन के दौरान 31 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया, जिनमें पद्मश्री एवं धरसींवा विधायक अनुज शर्मा भी शामिल रहे। प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अब तक 103 लोगों द्वारा देहदान का संकल्प लिए जाने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहदान चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद ला सकता है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी एकत्र करने की पहल भी की गई। आयोजन स्थल पर बुक कलेक्शन, टॉय कलेक्शन और स्टेशनरी कलेक्शन के लिए अलग-अलग केंद्र बनाए गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा का उद्देश्य समाज में जहां जरूरत हो, वहां संवेदनशीलता के साथ सहयोग करना है।
कार्यक्रम में आयुर्वेद से जुड़े विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए। मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का अवलोकन किया और आयोजकों तथा प्रतिभागियों से चर्चा कर गतिविधियों की जानकारी ली। शिविर में स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में भी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। रायपुर में 100 बिस्तरीय नया आयुर्वेदिक अस्पताल तैयार किया जा रहा है, जबकि बिलासपुर में आयुर्वेदिक अस्पताल के नए भवन का निर्माण प्रगति पर है। प्रदेश में चार नए योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ नागरिकों को विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से आयुष मेले, स्वास्थ्य जांच शिविर और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक एवं पद्मश्री अनुज शर्मा, विधायक प्रबोध मिंज सहित विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, प्रशासनिक अधिकारी, अर्धसैनिक बल एवं सेना के अधिकारी-जवान और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।