जशपुर में नए आपराधिक कानून की जागरूकता हेतु प्रदर्शनी आयोजित, 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने लिया भाग

जशपुर पुलिस ने सिटी कोतवाली में नए आपराधिक कानून के क्रियान्वयन के संबंध में जागरूकता प्रदर्शनी का आयोजन किया। कार्यक्रम में 500 से अधिक स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने कानून में हुए बदलाव, महिला व बाल सुरक्षा, एफआईआर दर्ज करने और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

Nov 19, 2025 - 11:23
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जशपुर में नए आपराधिक कानून की जागरूकता हेतु प्रदर्शनी आयोजित, 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने लिया भाग

 UNITED NEWS OF ASIA.योगेश यादव, जशपुर। जिले के सिटी कोतवाली परिसर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह की अध्यक्षता में, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत के मुख्य आतिथ्य तथा उप निदेशक अभियोजन सुरेश कुमार साहू, सहायक निदेशक अभियोजन विपिन शर्मा, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी विवेक शर्मा, आरती खटकवार और वरिष्ठ समाजसेवी मैनेजर राम की उपस्थिति में नवीन आपराधिक कानून के क्रियान्वयन के संबंध में जागरूकता प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्कूल और कॉलेजों के 500 से अधिक छात्र-छात्राओं, शिक्षक और जनप्रतिनिधि उपस्थित हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों का स्वागत कर हुई, जिसमें पुलिस अनुविभागीय अधिकारी चंद्रशेखर परमा ने अतिथियों को पुष्पगुच्छ प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किए गए नए बदलाव जनहित की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं, जिनका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक महसूस होगा।

उप निदेशक अभियोजन सुरेश कुमार साहू ने बताया कि नए कानून से न्यायिक प्रक्रिया में सुधार दिखने लगा है। सहायक जिला अभियोजन अधिकारी आरती खटकवार ने कहा कि नए कानून में महिलाओं और बच्चों को और अधिक सुरक्षा प्रदान की गई है। सहायक निदेशक अभियोजन विपिन शर्मा ने छात्रों को कानून की महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि शिकायतकर्ता को जांच की स्थिति की सूचना अनिवार्य रूप से प्रदान की जाएगी। एफआईआर की प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक माध्यम जैसे फोन, ई-मेल के माध्यम से भी हो सकती है। नए कानून के अनुसार महिला अपराध पर 60 दिन और अन्य अपराधों पर 90 दिन के भीतर जांच पूरी कर कोर्ट में पेश करना अनिवार्य है। गंभीर अपराधों में फोरेंसिक जांच भी अनिवार्य की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नए कानून “दंड से न्याय की ओर” की अवधारणा स्थापित करते हैं। लोक कल्याणकारी राज्य की दृष्टि से किए गए ये बदलाव न्यायिक प्रक्रिया में मील का पत्थर साबित होंगे।

कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को नवीन कानून, महिला एवं बाल सुरक्षा, एफआईआर प्रक्रिया और न्यायिक कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उप निदेशक अभियोजन सुरेश कुमार साहू, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी चंद्रशेखर परमा, सहायक निदेशक अभियोजन विपिन शर्मा, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी विवेक शर्मा, आरती खटकवार, वरिष्ठ समाजसेवी मैनेजर राम सहित 500 से अधिक छात्र-छात्राओं, शिक्षक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।