UP परिवहन विभाग में बड़ा फेरबदल: 18 जिलों के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी बदले गए
उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। प्रदेश के 18 जिलों के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (ARTO) का तबादला किया गया। अधिकारियों की नई तैनाती और जिम्मेदारियों की सूची जारी कर दी गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में 18 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (ARTO) का ट्रांसफर किया गया है। अधिकारियों को नई तैनाती और जिम्मेदारियों के साथ इधर से उधर भेजा गया।
इस बार के तबादलों में प्रशासनिक और प्रवर्तन दोनों विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। इससे विभाग के कार्यकुशलता और स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रबंधन की उम्मीद की जा रही है।
तबादले की सूची इस प्रकार है:
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कौशल कुमार सिंह – प्रशासन, सोनभद्र
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हरिओम – प्रवर्तन, बदायूं
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हरिओम – प्रवर्तन, द्वितीय दल, शाहजहांपुर
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प्रतीक मिश्रा – प्रवर्तन, द्वितीय दल, फतेहपुर
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चम्पा लाल – प्रशासन, सिद्धार्थ नगर
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अशोक कुमार श्रीवास्तव – प्रशासन, गाजियाबाद
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नीतू शर्मा – प्रवर्तन, द्वितीय दल, बुलंदशहर
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वैभव सोती – प्रवर्तन, द्वितीय दल, बरेली
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गुलाब चन्द्र – प्रवर्तन, द्वितीय दल, अयोध्या
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सतेन्द्र कुमार सिंह – प्रवर्तन, द्वितीय दल, मथुरा
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मानवेन्द्र प्रताप सिंह – प्रशासन, सहारनपुर
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विन्ध्यांचल कुमार – प्रवर्तन, प्रथम दल, कानपुर
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विनय कुमार सिंह – प्रशासन, आगरा
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आलोक कुमार यादव – प्रवर्तन, द्वितीय दल, लखनऊ
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कृष्ण कुमार यादव – प्रशासन, फर्रुखाबाद
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उमेश चन्द्र कटियार – प्रवर्तन, रायबरेली
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देवदत्त कुमार – प्राविधिक, मेरठ
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विपिन कुमार – प्रवर्तन, बागपत
इस फेरबदल का उद्देश्य स्थानीय परिवहन प्रबंधन को और मजबूत बनाना और विभागीय कार्यकुशलता में सुधार करना बताया जा रहा है। अधिकारियों की नई तैनाती से सड़क सुरक्षा, लाइसेंसिंग और वाहनों की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सुधार की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय-समय पर इस तरह के तबादले प्रशासनिक सुधार और ट्रांसपोर्ट विभाग में अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी होते हैं। इस कदम से कर्मचारियों में नई ऊर्जा और कार्यक्षमता बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रदेश के नागरिक और वाहन मालिक अब यह देखेंगे कि नए अधिकारियों की नियुक्ति से वाहन नियमों का पालन, सड़क सुरक्षा और परिवहन सेवाओं की गुणवत्ता में कितना सुधार होता है।