शिविर में कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, ट्राइसाइकिल सहित जरूरत के अनुसार अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उपकरण प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने उनका उपयोग कर अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन भी किया। एक हितग्राही ने कृत्रिम पैर की सहायता से बाइक चलाकर दिखाई, जबकि एक अन्य दिव्यांगजन ने कृत्रिम हाथ से पानी का गिलास उठाकर बताया कि उपकरण उसके दैनिक जीवन में किस तरह सहायक हो सकता है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए आयोजित यह शिविर सेवा का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उपकरण केवल सहारा देने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके मिलने के बाद दिव्यांगजन के जीवन में आने वाला बदलाव और बढ़ता आत्मविश्वास अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने जैन समाज, भारतीय जैन संगठन, भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति और अन्य सहयोगी संस्थाओं के सेवा कार्यों की सराहना की।
उन्होंने बताया कि शिविर में श्रवण, दृष्टि और अस्थि बाधित दिव्यांगजनों सहित विभिन्न श्रेणियों के हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राजस्थान से आई विशेषज्ञ टीम मौके पर ही कृत्रिम अंग तैयार कर रही है। इसके बाद जरूरत के अनुसार उनका परीक्षण और फिटिंग भी की जा रही है, जिससे हितग्राहियों को उनकी शारीरिक आवश्यकता के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराने में सुविधा हो रही है।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी तरह के शिविर जगदलपुर और दंतेवाड़ा में भी आयोजित किए जाएंगे। बस्तर में आईईडी विस्फोटों के कारण दिव्यांग हुए लोगों को चिन्हांकित कर उन्हें कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से ऐसे दिव्यांगजनों की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि जरूरतमंद लोगों तक सेवा पहुंचाई जा सके।
दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने कहा कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केवल सहायक उपकरण उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों से जोड़ना भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि रायपुर में दिव्यांगजनों के लिए कौशल विकास केंद्र तैयार किया जा रहा है, जहां विभिन्न ट्रेड के साथ डिजिटल मार्केटिंग और वित्तीय प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्वरोजगार के लिए पात्र दिव्यांगजनों को कम ब्याज दर पर ऋण और अनुदान की व्यवस्था की जानकारी भी उन्होंने दी।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका परिषद कवर्धा के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, कलेक्टर तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और अधिकारी मौजूद रहे।
चार दिवसीय यह शिविर 23 से 26 सितंबर तक चलेगा। शिविर में जरूरत के अनुसार दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। आयोजकों ने अधिक से अधिक जरूरतमंद दिव्यांगजनों तक शिविर की जानकारी पहुंचाने और सेवा कार्य में सहयोग की अपील की है।