बस्तर में आज से 3 दिवसीय तिरंगा यात्रा, दो मंत्री चार जिलों से होकर पहुंचेंगे कर्रेगुट्टा
बस्तर में 12 से 14 अगस्त 2026 तक तीन दिवसीय बस्तर तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। गृह मंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में यह यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी तक पहुंचेगी। पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से गुजरने वाली यह यात्रा बदलते बस्तर में शांति, विकास, राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति का संदेश देगी।
UNITED NEWS OF ASIA. महेश राव, जगदलपुर l बस्तर संभाग में आज से तीन दिवसीय अभूतपूर्व बस्तर तिरंगा यात्रा की शुरुआत होने जा रही है। 12 से 14 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाली यह यात्रा गृह मंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में बस्तर के पूर्व नक्सल प्रभावित इलाकों से होकर गुजरेगी। नारायणपुर से शुरू होने वाली यात्रा दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी तक पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा।
बस्तर के इतिहास में पहली बार इस तरह की व्यापक तिरंगा यात्रा आयोजित की जा रही है, जो क्षेत्र में बदलते हालात और मजबूत होती शांति व्यवस्था की तस्वीर प्रस्तुत करेगी। यात्रा का उद्देश्य बस्तर के लोगों के बीच राष्ट्रीय एकता, अखंडता, देशभक्ति और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करना है। साथ ही यह यात्रा उन क्षेत्रों में राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और गौरव का संदेश पहुंचाएगी, जो लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं।
तीन दिनों तक चलने वाली यह यात्रा नारायणपुर से प्रारंभ होकर विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी। इसके बाद यात्रा सुकमा और बीजापुर की ओर आगे बढ़ेगी। अंतिम चरण में यात्रा कर्रेगुट्टा पहाड़ी तक पहुंचेगी। कर्रेगुट्टा क्षेत्र लंबे समय तक माओवादी गतिविधियों के लिए चर्चित रहा है। ऐसे क्षेत्र में तिरंगा यात्रा का पहुंचना बस्तर में बदलते वातावरण का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है।
यात्रा के दौरान स्थानीय नागरिकों, युवाओं, जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों की सहभागिता रहेगी। तिरंगा यात्रा के माध्यम से बस्तर की प्राकृतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ विकास और शांति का संदेश भी देशभर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
बस्तर तिरंगा यात्रा को स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित होने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है। यात्रा के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के साथ देशभक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से गुजरने वाली यह यात्रा स्थानीय लोगों में सुरक्षा, विश्वास और नए भविष्य की उम्मीद को मजबूत करने का माध्यम बनेगी।
12 से 14 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा के बाद 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस का राष्ट्रीय पर्व मनाया जाएगा। ऐसे में बस्तर तिरंगा यात्रा को स्वतंत्रता दिवस से पहले क्षेत्र में राष्ट्रीय गौरव और लोकतांत्रिक विश्वास को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।