‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय से जोड़ने के साथ परिवारों तक स्वास्थ्य, पोषण और शासन की विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में लोगों को ‘विकसित भारत-2047’ के नागरिक संकल्प से भी जोड़ा गया।
‘मेरी पौष्टिक थाली’ से पोषण का संदेश
आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय खाद्यान्न, हरी सब्जियों और फलों से तैयार ‘मेरी पौष्टिक थाली’ प्रदर्शित की गई। इसके माध्यम से बच्चों और माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कुपोषण की रोकथाम और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पोषण संबंधी जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य जांच
स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से महिलाओं, गर्भवती माताओं और बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। आवश्यकतानुसार टीकाकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। बच्चों के लिए खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की गईं। जनभागीदारी से ‘न्योता भोज’ का आयोजन कर बच्चों को पौष्टिक भोजन, फल और मिठाइयां वितरित की गईं।
मेहंदी, रंगोली और स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता
कार्यक्रम में महिलाओं और युवतियों के लिए मेहंदी एवं रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वहीं बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति परिवारों को जागरूक करने के उद्देश्य से ‘स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता’ भी कराई गई। बेहतर स्वास्थ्य और पोषण वाले बच्चों तथा उनकी माताओं को सम्मानित कर परिवारों को पोषण के प्रति प्रोत्साहित किया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों को प्रशस्ति पत्र एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। इस पहल के माध्यम से मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य, पोषण और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी सेवाएं पहुंचाने वाले कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया गया।
योजनाओं की जानकारी और नए हितग्राहियों का पंजीयन
महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए योजना की राशि का उपयोग करने वाली महिलाओं को ‘पोषण शक्ति सम्मान’ दिया गया। इसके अलावा पात्र नए हितग्राहियों का प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मौके पर पंजीयन भी किया गया।
खिलौना बैंक को मजबूत करने की पहल
बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित ‘खिलौना बैंक’ को समृद्ध करने के लिए समुदाय से खिलौने और खेल सामग्री उपलब्ध कराने की अपील की गई। कार्यक्रम के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के लिए सीखने, खेलने और रचनात्मक गतिविधियों का बेहतर स्थान बनाने में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया गया।