सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा बढ़ा, गौठानों की क्षमता पर AAP ने उठाए सवाल
राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के बड़े शहरों की सड़कों पर बढ़ते मवेशियों के जमावड़े और गौठानों की व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने राज्य सरकार और नगर निगम पर सवाल उठाए हैं। AAP के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने आरोप लगाया कि गौठानों में क्षमता से अधिक पशु रखे जा रहे हैं, जिससे चारा-पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं पर असर पड़ रहा है। उन्होंने फुंडहर गौठान में 8 गायों की मौत की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने और मवेशियों के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के बड़े शहरों की प्रमुख सड़कों पर बढ़ते मवेशियों के जमावड़े और गौठानों की व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने राज्य सरकार और नगर निगम प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने आरोप लगाया कि मवेशियों को रखने के लिए पर्याप्त स्थान, चारा-पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर बैठे मवेशियों के कारण यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है।
उत्तम जायसवाल ने कहा कि राजधानी की प्रमुख सड़कों और चौक-चौराहों पर मवेशियों के झुंड दिखाई देना आम हो गया है। नगर निगम द्वारा सड़कों से मवेशियों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन उन्हें रखने के लिए पर्याप्त और व्यवस्थित व्यवस्था नहीं होने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के गौठानों में क्षमता से अधिक पशुओं को रखा जा रहा है, जिसके कारण पशुओं के लिए पर्याप्त जगह, चारा-पानी और स्वच्छता की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब गौठानों की क्षमता सीमित है तो नगर निगम सड़कों से पकड़े जाने वाले मवेशियों को आखिर कहां रख रहा है। उनके अनुसार प्रशासन को गौठानों की वास्तविक क्षमता और वहां मौजूद पशुओं की संख्या की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
AAP नेता ने फुंडहर स्थित गौठान में 8 गायों की मौत का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि पशुओं की मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या कुप्रबंधन सामने आता है तो जिम्मेदार अधिकारियों तथा व्यवस्था से जुड़े लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
उत्तम जायसवाल ने कहा कि सरकार और नगर निगम को स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदेश के गौठानों में पशुओं को रखने की क्षमता कितनी है और वर्तमान में वहां कितने पशु रखे जा रहे हैं। उन्होंने गौठानों की क्षमता, पशुओं की संख्या, चारा-पानी की उपलब्धता और स्वास्थ्य सुविधाओं का सार्वजनिक ऑडिट कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि राजधानी में मवेशियों की समस्या केवल पशु प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर यातायात और सड़क सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। प्रमुख सड़कों पर मवेशियों के बैठने से वाहन चालकों को परेशानी होती है और अचानक दुर्घटना की स्थिति बन सकती है। ऐसे में प्रशासन को केवल अभियान चलाने के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।
आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि नगर निगम राजधानी में मवेशियों के प्रबंधन के लिए तत्काल ठोस कार्ययोजना तैयार करे। गौठानों की क्षमता के अनुरूप ही पशुओं को रखा जाए और उनके चारा-पानी, साफ-सफाई तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सड़कों पर मवेशियों की समस्या से प्रभावित प्रमुख क्षेत्रों को चिन्हित कर नियमित निगरानी और प्रभावी प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जाए।
पार्टी ने फुंडहर गौठान में हुई 8 गायों की मौत की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की है। उत्तम जायसवाल ने कहा कि पशुओं की सुरक्षा और शहर की यातायात व्यवस्था दोनों महत्वपूर्ण हैं, इसलिए सरकार और नगर निगम को इस समस्या का संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ स्थायी समाधान निकालना चाहिए।