छत्तीसगढ़ का पहला पूरी तरह डिजिटल टोल प्लाजा बना केसला, लोकल मासिक पास की सुविधा भी ऑनलाइन

बिलासपुर-रायगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर स्थित केसला टोल प्लाजा छत्तीसगढ़ का पहला पूरी तरह डिजिटल टोल प्लाजा बन गया है। यहां स्थानीय नागरिकों के लिए लोकल मासिक पास की सुविधा भी ऑनलाइन कर दी गई है। 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र नागरिक राजमार्ग यात्रा एप या एनएचएआई पोर्टल के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। नॉन-कमर्शियल वाहनों के लिए मासिक पास शुल्क 350 रुपए निर्धारित है।

Aug 26, 2026 - 11:11
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छत्तीसगढ़ का पहला पूरी तरह डिजिटल टोल प्लाजा बना केसला, लोकल मासिक पास की सुविधा भी ऑनलाइन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को अधिक सुगम, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बिलासपुर-रायगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर स्थित केसला टोल प्लाजा प्रदेश का पहला पूरी तरह डिजिटल टोल प्लाजा बन गया है। यहां टोल भुगतान की डिजिटल व्यवस्था के साथ स्थानीय नागरिकों के लिए लोकल मासिक पास की सुविधा भी पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI द्वारा देशभर के चयनित टोल प्लाजा पर शुरू की गई फास्टैग डिजिटल लोकल पास सुविधा के तहत केसला टोल प्लाजा को इस व्यवस्था से जोड़ा गया है। अब स्थानीय नागरिकों को मासिक पास बनवाने के लिए टोल प्लाजा कार्यालय जाने या भौतिक दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। पात्र नागरिक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से राजमार्ग यात्रा एप या NHAI के आधिकारिक वेब पोर्टल से घर बैठे डिजिटल लोकल पास के लिए आवेदन कर सकेंगे।

डिजिटल लोकल पास की सुविधा संबंधित टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र स्थानीय नागरिकों के लिए उपलब्ध होगी। निर्धारित नियमों के अनुसार गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए मासिक लोकल पास का शुल्क 350 रुपए निर्धारित किया गया है। इससे पात्र स्थानीय वाहन मालिकों को टोल प्लाजा से नियमित आवाजाही में सुविधा मिलेगी और पास बनवाने की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में सरल होगी।

नई डिजिटल व्यवस्था में पात्रता के सत्यापन के लिए विभिन्न डिजिटल प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा। आवासीय पता, वाहन विवरण और अन्य आवश्यक जानकारियों का डिजिटल सत्यापन किया जा सकेगा। GIS आधारित तकनीक के माध्यम से यह भी जांच की जाएगी कि आवेदक का पंजीकृत पता संबंधित टोल प्लाजा से निर्धारित 20 किलोमीटर के दायरे में आता है या नहीं।

डिजिटल सत्यापन की प्रक्रिया में DigiLocker, वाहन संबंधी सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म और लिंक किए गए Fastag जैसी प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा। इससे भौतिक दस्तावेजों और मैनुअल सत्यापन पर निर्भरता कम होगी। साथ ही पात्रता निर्धारण में पारदर्शिता, एकरूपता और सटीकता बढ़ने की उम्मीद है।

केसला टोल प्लाजा पर शुरू की गई यह सुविधा छत्तीसगढ़ में टोल सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में प्रदेश के अन्य टोल प्लाजा पर भी डिजिटल लोकल पास की सुविधा का विस्तार किए जाने की योजना है। इससे स्थानीय नागरिकों को टोल संबंधी सेवाएं अधिक आसानी और पारदर्शिता के साथ मिल सकेंगी।

डिजिटल लोकल पास और टोल संबंधी जानकारी के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता NHAI के आधिकारिक राजमार्ग यात्रा पोर्टल पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।