इस पुण्य आयोजन का आयोजन अपना आश्रम सेवा समिति द्वारा किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और दिव्यांग कन्याओं को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर प्रदान करना है, ताकि वे अपने नए जीवन की शुरुआत गरिमा के साथ कर सकें।
आयोजकों ने बताया कि वर्ष 2024 में कोरबा के दुरपा स्थित मां सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर में “नम: सामूहिक विवाह” का सफल आयोजन किया गया था। उसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष कार्यक्रम को और अधिक व्यापक और भव्य स्वरूप दिया गया है। आयोजन के माध्यम से समाज में सेवा, सहयोग और सनातन संस्कृति के मूल्यों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
27 मार्च को निकलेगी भव्य कलश यात्रा
इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत 27 मार्च 2026 को भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, श्रद्धालु और धर्मप्रेमी शामिल होंगे। कलश यात्रा पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल का संचार करेगी और कार्यक्रम के औपचारिक शुभारंभ का प्रतीक बनेगी।
28 मार्च से शुरू होगी श्री हनुमंत कथा
कलश यात्रा के अगले दिन 28 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक छह दिवसीय श्री हनुमंत कथा का दिव्य आयोजन किया जाएगा। इस कथा में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सनातन संस्कृति के महत्व से अवगत कराएंगे। कथा के दौरान आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
1 अप्रैल को होगा 108 कन्याओं का सामूहिक विवाह
कथा के समापन दिवस 1 अप्रैल 2026 को “नम: सामूहिक विवाह” के अंतर्गत 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का विवाह संपन्न कराया जाएगा। इस अवसर पर संत-महात्मा, विद्वान आचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रदेश के कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहकर नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देंगे।
108 कन्याओं का हो चुका है पंजीयन
आयोजन के प्रभारी एवं मां सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 108 कन्याओं का पंजीयन हो चुका है। हालांकि पंजीयन की प्रक्रिया अभी भी जारी है, जिसके चलते कन्याओं की संख्या बढ़ने की संभावना भी बनी हुई है।
आयोजकों का कहना है कि समाज के सहयोग और श्रद्धालुओं के समर्थन से यह आयोजन न केवल जरूरतमंद परिवारों की सहायता करेगा बल्कि सेवा, समर्पण और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार का एक बड़ा माध्यम भी बनेगा। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में अभी से उत्साह और धार्मिक वातावरण देखने को मिल रहा है।