खाद्य सुरक्षा टीम की कार्रवाई: स्वच्छता में लापरवाही पर होटल को नोटिस, डेयरियों की जांच
रायपुर जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने भाटापारा और दामाखेड़ा क्षेत्र में जांच अभियान चलाया। इस दौरान स्वच्छता में कमी पाए जाने पर एक होटल को नोटिस जारी किया गया, जबकि डेयरियों से नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए। पैक्ड खाद्य उत्पादों में पोषण जानकारी अधूरी मिलने पर संबंधित उद्योगों को मिथ्याछाप घोषित किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगातार निरीक्षण और जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 25 अप्रैल 2026 को खाद्य सुरक्षा टीम ने भाटापारा और दामाखेड़ा क्षेत्रों में व्यापक जांच अभियान संचालित किया। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिसमें स्वच्छता और खाद्य मानकों के पालन की स्थिति का मूल्यांकन किया गया।
दामाखेड़ा क्षेत्र में स्थित “साहू होटल एंड स्वीट्स” की जांच के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई। निरीक्षण में पाया गया कि खाद्य पदार्थों को खुले में रखा गया था और उन्हें ढंककर नहीं रखा गया था, जिससे उनके दूषित होने की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा, होटल के फ्रिज में भी गंदगी पाई गई, जो खाद्य सुरक्षा मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है। इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा टीम ने संबंधित प्रतिष्ठान को खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की धारा 55 के तहत नोटिस जारी किया है और सुधार के निर्देश दिए हैं।
वहीं, भाटापारा शहर में भी टीम ने औचक निरीक्षण करते हुए “आयुष डेयरी” और “पटेल डेयरी दतरेंगी” का निरीक्षण किया। इस दौरान पटेल डेयरी से मलाई क्रीम का नमूना लिया गया, जिसे परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, विभाग द्वारा पूर्व में लिए गए कुछ खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट भी सामने आई है। रिपोर्ट में “अविनाश पोहा इंडस्ट्रीज, भाटापारा” के पैक्ड पोहा और “शीतल इंडस्ट्रीज, भाटापारा” के पैक्ड बेसन में पोषण संबंधी जानकारी अधूरी पाई गई। इस वजह से इन उत्पादों को मिथ्याछाप (Misbranded) घोषित किया गया है। खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत यह एक गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि “लेबलिंग और डिस्प्ले रेगुलेशन 2020” के अनुसार सभी पैक्ड खाद्य उत्पादों पर पोषण संबंधी पूरी जानकारी देना अनिवार्य है। इसमें उत्पाद की सामग्री, कैलोरी, वसा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट आदि का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। उपभोक्ताओं की सुरक्षा और जागरूकता के लिए यह नियम बेहद महत्वपूर्ण है।
प्रशासन ने सभी खाद्य कारोबारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे स्वच्छता और गुणवत्ता के मानकों का पूरी तरह पालन करें। साथ ही, पैक्ड खाद्य उत्पादों में सभी आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोका जा सके और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।