वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ावे की मैन्युअल गिनती होगी बंद, पारदर्शिता के लिए लगेंगी कैश रीसाइक्लर मशीनें
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने मंदिर के दान प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। बोर्ड के चेयरमैन और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अनुसार, अगले 15 दिनों के भीतर मंदिर में नकद चढ़ावे की मैन्युअल (हाथ से) गिनती को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री माता वैष्णो देवी मंदिर के दान और चढ़ावे के प्रबंधन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले नकद दान की हाथों से होने वाली पारंपरिक गिनती को आने वाले दिनों में पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। इसके स्थान पर अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित कैश रीसाइक्लर मशीनें स्थापित की जा रही हैं, जो पूरी गिनती और प्रबंधन प्रक्रिया को स्वचालित करेंगी।
पारदर्शिता और सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम
देशभर के प्रमुख मंदिरों में चढ़ावे की सुरक्षा, नकदी की गिनती में लगने वाले समय और चोरी की आशंकाओं को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। इन सभी चुनौतियों का स्थायी समाधान निकालते हुए श्राइन बोर्ड ने यह फैसला किया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और श्राइन बोर्ड के चेयरमैन मनोज सिन्हा ने जानकारी दी कि अगले लगभग 15 दिनों के भीतर मंदिर में नकद चढ़ावे की मैन्युअल काउंटिंग को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।
मनोज सिन्हा के अनुसार, मैन्युअल गिनती को समाप्त करने का विचार बोर्ड की एक बैठक के दौरान एक सदस्य द्वारा दिए गए सुझाव के बाद अमल में लाया गया। इसका मुख्य ध्येय केवल मशीनों के जरिए नोट गिनना मात्र नहीं है, बल्कि दान प्रबंधन की पूरी व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
मानवीय हस्तक्षेप होगा पूरी तरह समाप्त
नई तकनीकी व्यवस्था लागू करने के लिए मंदिर परिसर में कैश रीसाइक्लर मशीनों की स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है। वर्तमान में दो मशीनें पहले ही स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि शेष आवश्यक मशीनों को अगले दो हफ्तों के भीतर स्थापित कर चालू कर दिया जाएगा।
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें इंसानी दखल को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। नई प्रणाली के पूर्ण रूप से सक्रिय होने के बाद, चढ़ावे को संभालने, छांटने और उसकी गिनती करने में श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों या संबंधित बैंक अधिकारियों की कोई सीधी भूमिका नहीं रहेगी। मशीनें सीधे नोटों की प्रामाणिकता की जांच करेंगी, उनकी गिनती करेंगी और आंकड़े दर्ज करेंगी।
श्रद्धालुओं के भरोसे को मिलेगी मजबूती
श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में प्रतिदिन देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अनुसार दान-पुण्य करते हैं। इस नई व्यवस्था से जहां एक ओर दान राशि का सटीक और त्वरित हिसाब रखा जा सकेगा, वहीं दूसरी ओर श्राइन बोर्ड की कार्यप्रणाली में श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। अत्याधुनिक मशीनों के प्रयोग से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया त्रुटिरहित और सुरक्षित बनेगी।