कच्चे घर से सम्मान की छत तक पहुँची श्रीमती सुशील साहू की जिंदगी
कबीरधाम जिले की 55 वर्षीय सुशील साहू का जीवन सरकारी योजनाओं की मदद से पूरी तरह बदल गया। प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना और आयुष्मान कार्ड जैसी योजनाओं से उन्हें पक्का मकान, बिजली, गैस, शौचालय, इलाज और राशन जैसी सुविधाएं मिलीं।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। कबीरधाम जिले के जनपद पंचायत कवर्धा अंतर्गत ग्राम पंचायत गूढ़ा की 55 वर्षीय श्रीमती सुशील साहू का जीवन सरकारी योजनाओं की मदद से पूरी तरह बदल गया है। पहले वे कच्चे घर में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताती थीं, लेकिन आज उनके पास पक्का मकान, बिजली, गैस, शौचालय, इलाज और राशन जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं, जिससे वे सम्मानपूर्वक जीवन जी रही हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 2024-25 में उनका नाम चयनित हुआ और आवास निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई। जिला प्रशासन ने राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी, जिससे मकान का निर्माण सुचारू रूप से हुआ। मकान बनने के दौरान उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 90 दिन का रोजगार भी मिला, जिससे लगभग 23 हजार रुपये की मजदूरी प्राप्त हुई और घर बनाने में मदद मिली।
पक्का मकान बनने के बाद स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय का निर्माण किया गया, जिससे उन्हें खुले में शौच के लिए नहीं जाना पड़ता। इसके साथ ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत घर में बिजली कनेक्शन मिला, जबकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर और चूल्हा प्राप्त हुआ। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से अब उनका इलाज मुफ्त और सहज रूप से संभव है, और राशन कार्ड से उन्हें चावल व अन्य आवश्यक सामान सस्ते दामों पर उपलब्ध होने लगा है।
सुशील साहू कहती हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका जीवन इतना बदल जाएगा। अब उनके पास पक्का घर, बिजली, गैस, शौचालय और इलाज एवं राशन की सुविधाएं हैं, जिससे वे समाज में सम्मान के साथ जीवन जी रही हैं।
श्रीमती सुशील साहू की यह कहानी सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आपसी समन्वय का उदाहरण है। यह दर्शाती है कि योजनाओं के सही इस्तेमाल से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उनके जीवन में हुए बदलाव ने यह स्पष्ट किया कि सरकारी पहलें न केवल सुविधा प्रदान करती हैं, बल्कि गरीब और पिछड़े वर्ग को सम्मान के साथ जीने का अवसर भी देती हैं।