प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से बदल रही ग्रामीणों की जिंदगी, अब बिजली के साथ आमदनी भी
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। कवर्धा जिले के ग्राम दौजरी निवासी नरेश चंद्रवंशी इसका उदाहरण हैं, जिन्होंने 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाकर न केवल बिजली बिल से छुटकारा पाया, बल्कि अतिरिक्त ऊर्जा बेचकर आमदनी भी शुरू कर दी। केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी से यह योजना हर वर्ग के लिए सुलभ बन गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने इसे ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक जनआंदोलन बना दिया है।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने कबीरधाम जिले सहित पूरे प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखनी शुरू कर दी है। इस योजना के तहत घरों में सौर ऊर्जा से न केवल उजियारा फैल रहा है, बल्कि ग्रामीणों को आमदनी के नए साधन भी मिल रहे हैं।
ग्राम दौजरी के नरेश चंद्रवंशी इस योजना की सफलता का जीवंत उदाहरण हैं। उन्होंने जनवरी माह में अपने घर पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल सिस्टम स्थापित किया। आज वे पूरी तरह से मुफ्त बिजली का उपयोग कर रहे हैं और अतिरिक्त ऊर्जा बेचकर आर्थिक लाभ भी कमा रहे हैं। श्री चंद्रवंशी बताते हैं कि पहले उनका मासिक बिजली बिल 1300 से 2000 रुपये तक आता था, लेकिन अब उनका बिल लगातार माइनस में है और वे लगभग 3900 रुपये तक का लाभ कमा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से 78,000 रुपये और राज्य सरकार से 30,000 रुपये की सब्सिडी मिलने से सोलर सिस्टम लगाना बेहद आसान और किफायती हो गया। “अब न बिजली बिल की चिंता है, न कटौती की समस्या। उल्टा सूरज की रोशनी से आमदनी हो रही है,” वे मुस्कुराते हुए कहते हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच और सरकार की प्राथमिकता में शामिल यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान बन गई है। योजना के तहत उपभोक्ताओं की खपत के अनुसार 45,000 से 1,08,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे 1 से 3 किलोवाट क्षमता वाले सोलर सिस्टम अब मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए भी सुलभ हो गए हैं।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस योजना को जमीनी स्तर तक सफल बनाते हुए यह सुनिश्चित किया है कि अब हर नागरिक केवल उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक भी बने।
कबीरधाम जिले में श्री नरेश चंद्रवंशी जैसे अनेक उदाहरण इस योजना की प्रभावशीलता को साबित कर रहे हैं। यह पहल आने वाले समय में न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत बनने जा रही