सूरजपुर में ‘नारी शक्ति वंदन’ की गूंज, महिलाओं ने स्कूटी रैली निकालकर दिखाया उत्साह

सूरजपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में महिलाओं ने भव्य स्कूटी रैली निकाली। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

Apr 15, 2026 - 13:07
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सूरजपुर में ‘नारी शक्ति वंदन’ की गूंज, महिलाओं ने स्कूटी रैली निकालकर दिखाया उत्साह

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l  देशभर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले में महिलाओं द्वारा भव्य स्कूटी रैली का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया।

यह रैली महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में आयोजित की गई। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर और नारे लगाते हुए समाज में महिलाओं की भागीदारी और अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

इस अवसर पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिससे राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने आगे कहा कि यह अधिनियम केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में महिलाओं की स्थिति को मजबूत बनाने का माध्यम भी बनेगा। ऐसे आयोजनों से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक होंगी।

रैली के दौरान महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया और इस पहल को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में शासन और नीति निर्माण में महिलाओं की भूमिका और प्रभाव दोनों में वृद्धि होगी।

कार्यक्रम के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेते हुए अपने हस्ताक्षर कर इस पहल के प्रति समर्थन जताया।

रैली में भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल रहे। कार्यक्रम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि समाज में अब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रही हैं और आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।

कुल मिलाकर यह आयोजन न केवल महिला सशक्तिकरण का संदेश देने में सफल रहा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ। इससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में और अधिक सशक्त रूप से सामने आएगी।