सुपोषित जीवन अभियान के तहत मर्दापाल में महिलाओं ने निकाली मशाल रैली, कुपोषण मुक्त कोंडागांव का लिया संकल्प
कोंडागांव जिले में कलेक्टर नूपूर राशि पन्ना के निर्देशन में सुपोषित जीवन अभियान की शुरुआत की गई। ग्राम पंचायत मर्दापाल में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने मशाल रैली निकालकर कुपोषण मुक्त समाज का संदेश दिया। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की सहभागिता रही।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव | कोंडागांव जिले में कलेक्टर नूपूर राशि पन्ना के निर्देशन तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी अवनी कुमार बिसवाल (महिला एवं बाल विकास विभाग) के मार्गदर्शन में “सुपोषित जीवन अभियान” का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का उद्देश्य जिले को कुपोषण मुक्त बनाना और जनजागरूकता के माध्यम से सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करना है।
अभियान के तहत मंगलवार को ग्राम पंचायत मर्दापाल में पंचायत भवन परिसर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके पश्चात अतिथियों का स्वागत, रंगोली निर्माण और बच्चों द्वारा फुलझड़ी जलाकर अभियान का शुभारंभ किया गया। इसके बाद ग्राम पंचायत मर्दापाल की महिलाओं ने मशाल रैली निकालकर पूरे ग्राम में कुपोषण के खिलाफ जनजागरण का संदेश फैलाया।
मशाल रैली में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि “कुपोषण एक ऐसी छिपी बीमारी है, जो दिखती नहीं लेकिन इसके परिणाम बहुत गंभीर होते हैं। बच्चे खेलते-कूदते दिखते हैं, पर यदि वे कुपोषित हैं, तो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है जिससे वे बार-बार बीमार पड़ते हैं।” उन्होंने कहा कि यदि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता किसी बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने की सलाह दें, तो अभिभावकों को तत्काल उसे वहाँ भेजना चाहिए, ताकि बच्चे को समय पर उचित पोषण मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि एक बार बच्चा छह वर्ष की आयु तक सुपोषित नहीं हो पाया, तो उसके आगे के जीवन में अनेक स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए सामूहिक प्रयासों से हर बच्चे को पोषण और देखभाल प्रदान करना सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पवन कोर्राम ने इस अवसर पर कहा कि “कुपोषण उन्मूलन एक सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसमें हर नागरिक को सहभागी बनना चाहिए।” उन्होंने एक बच्चे को गोद लेने की घोषणा कर प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में सरपंच जयंती कश्यप, पंच मोना, परियोजना अधिकारी मनीष कुमार मेश्राम, सुपरवाइजर बबीता चौधरी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएँ और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
मशाल रैली में ग्रामीण महिलाओं और युवतियों ने हाथों में मशाल लेकर पूरे गाँव में जागरूकता संदेश दिए — “कुपोषण हटाओ, स्वस्थ जीवन पाओ” और “हर बच्चा हो पोषित, हर माँ हो स्वस्थ।”
इस आयोजन ने ग्राम मर्दापाल में सामुदायिक एकजुटता और जनभागीदारी की मिसाल पेश की। सुपोषित जीवन अभियान अब जिले के अन्य ग्राम पंचायतों में भी आयोजित किया जाएगा, जिससे कोंडागांव को कुपोषण मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य जल्द ही साकार हो सके।