सुकमा में स्कूल भवन निर्माण पर भ्रष्टाचार के आरोप, कांग्रेस ने उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई

सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के तिमापुरम-2 में नवनिर्मित स्कूल भवन के निर्माण को लेकर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रदेश सचिव दुर्गेश राय ने आरोप लगाया कि भवन में निर्माण मानकों की अनदेखी की गई है, जिससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में है। कांग्रेस ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। मामले में संबंधित विभाग या राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Jul 4, 2026 - 12:03
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सुकमा में स्कूल भवन निर्माण पर भ्रष्टाचार के आरोप, कांग्रेस ने उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई

UNITED NEWS OF ASIA. रीजेंट गिरी, सुकमा l सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड स्थित तिमापुरम-2 में नवनिर्मित स्कूल भवन के निर्माण को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस ने भवन निर्माण में कथित अनियमितताओं और घटिया गुणवत्ता का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रदेश सचिव दुर्गेश राय ने प्रेस वार्ता आयोजित कर मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों तथा ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

प्रेस वार्ता में दुर्गेश राय ने आरोप लगाया कि स्कूल भवन का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं किया गया। उनका दावा है कि भवन में बिना बीम के छत डाली गई है, दीवारों में पहले ही दरारें दिखाई देने लगी हैं और बीम के सरियों को प्लास्टर के माध्यम से छिपाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हल्की बारिश के दौरान ही भवन की छत से पानी का रिसाव शुरू हो गया, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं

कांग्रेस का कहना है कि यह मामला केवल निर्माण कार्य में अनियमितता का नहीं, बल्कि आदिवासी बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। दुर्गेश राय ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते इस भवन की जांच नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से भवन की तकनीकी जांच कराकर उसकी गुणवत्ता का परीक्षण कराने की मांग की।

प्रेस वार्ता के दौरान दुर्गेश राय ने सरकार पर विकास कार्यों की गुणवत्ता की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि जिले में लगातार मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के दौरे हो रहे हैं, लेकिन निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता के धन से बनने वाले भवनों में यदि इस प्रकार की कथित लापरवाही होती है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

कांग्रेस ने मांग की है कि इस निर्माण कार्य को स्वीकृति देने वाले संबंधित सब-इंजीनियर, ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

दुर्गेश राय ने यह भी कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों में कमी आने के बाद अब सरकार को विकास कार्यों की गुणवत्ता और कथित भ्रष्टाचार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।

फिलहाल, कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित विभाग या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की सत्यता की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।