मेडकी में किसान के घर से सटी बिजली लाइन बनी खतरा, 20 दिन बाद भी शिफ्टिंग नहीं होने से ग्रामीण चिंतित

बालोद जिले के ग्राम मेडकी में किसान के मकान से सटकर गुजर रही बिजली लाइन को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। आरोप है कि सूचना देने के करीब 20 दिन बाद भी बिजली विभाग ने लाइन शिफ्ट नहीं की। ग्रामीणों ने बरसात के मौसम को देखते हुए तत्काल कार्रवाई कर संभावित दुर्घटना रोकने की मांग की है।

Jul 4, 2026 - 12:10
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मेडकी में किसान के घर से सटी बिजली लाइन बनी खतरा, 20 दिन बाद भी शिफ्टिंग नहीं होने से ग्रामीण चिंतित

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद जिले के ग्राम मेडकी में एक किसान के मकान से बेहद करीब होकर गुजर रही बिजली लाइन ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बन गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग को इस समस्या की जानकारी दिए जाने के बावजूद लगभग 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक लाइन को शिफ्ट करने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

जानकारी के अनुसार किसान के घर की दीवार और टीन शेड के बिल्कुल पास से विद्युत तार गुजर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तेज हवा या बारिश के दौरान तार के मकान से टकराने की आशंका बनी रहती है, जिससे शॉर्ट सर्किट या करंट फैलने जैसी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। इसी डर के कारण परिवार लगातार चिंता में रह रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस समस्या की जानकारी समय रहते बिजली विभाग को दे दी गई थी। ग्राम पंचायत ओरमा की सरपंच मंजूलता साहू ने भी संबंधित लाइनमैन तमराज साहू को सूचना देकर जल्द से जल्द विद्युत लाइन शिफ्ट करने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद अब तक मौके पर कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में बिजली संबंधी दुर्घटनाओं का खतरा सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहता है। ऐसे में यदि विद्युत लाइन को समय रहते सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उनका कहना है कि विभाग को संभावित दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय पहले ही आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।

ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर विद्युत लाइन की शिफ्टिंग कराई जाए। उनका कहना है कि यह केवल एक किसान के परिवार की सुरक्षा का मामला नहीं, बल्कि आसपास रहने वाले अन्य लोगों के लिए भी जोखिम का विषय है। समय पर कार्रवाई होने से किसी संभावित जनहानि या दुर्घटना को रोका जा सकता है।

बरसात के मौसम में बिजली लाइनों के संपर्क में आने से होने वाली घटनाओं को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर तत्काल आवश्यक निर्देश जारी करने चाहिए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

फिलहाल इस मामले में बिजली विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब स्थानीय लोगों की निगाह इस बात पर है कि विभाग शिकायत पर कब तक कार्रवाई करता है और किसान परिवार को इस गंभीर समस्या से कब राहत मिलती है।