नक्सल प्रभावित इलाकों में सुशासन की दस्तक, सुकमा के अंतिम छोर तक पहुँचा प्रशासनिक अमला

सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित और सुदूर गांवों में शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने कोंटा विकासखंड के ग्राम पिड़मेल, भेज्जी और डब्बाकोंटा का दौरा किया। इस दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की गहन समीक्षा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया गया।

Jan 30, 2026 - 14:36
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नक्सल प्रभावित इलाकों में सुशासन की दस्तक, सुकमा के अंतिम छोर तक पहुँचा प्रशासनिक अमला

UNITED NEWS OF ASIA.रामकुमार भारद्वाज,कोंडागांव | सुकमा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की वास्तविक स्थिति को परखने और प्रशासनिक उपस्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से सुकमा कलेक्टर अमित कुमार एवं पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने गुरुवार को कोंटा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम पिड़मेल, भेज्जी एवं डब्बाकोंटा का दौरा किया। इस निरीक्षण के दौरान शासकीय संस्थानों के संचालन और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर, पारदर्शी और बिना किसी बाधा के पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में भरोसे और विकास की मजबूत नींव रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

ग्राम पिड़मेल में उप स्वास्थ्य केंद्र, सार्वजनिक वितरण प्रणाली भवन एवं प्राथमिक शाला का निरीक्षण किया गया। प्राथमिक शाला में कलेक्टर एवं एसपी ने बच्चों से संवाद कर उनके शैक्षणिक स्तर की जानकारी ली तथा शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों की नियमित उपस्थिति और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

वहीं ग्राम डब्बाकोंटा में उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर उपचाररत मरीजों से सीधे बातचीत की गई। मरीजों से दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गई। आवश्यक सुधारों के लिए स्वास्थ्य अमले को निर्देश भी दिए गए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अमित कुमार एवं पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर प्रधानमंत्री आवास योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, सुझाव और स्थानीय आवश्यकताओं से अधिकारियों को अवगत कराया, जिस पर शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया गया।

प्रशासनिक दौरे के दौरान अरहनपुर से कोंटा जा रही एक यात्री बस का औचक निरीक्षण भी किया गया। इस दौरान किराया सूची, यात्री सुरक्षा व्यवस्था, वाहन की स्थिति और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई तथा यात्रियों से फीडबैक लेकर परिवहन सुविधाओं की स्थिति का आकलन किया गया।

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर एवं वनमंडलाधिकारी अक्षय कुमार भोंसले भी मौजूद रहे। अधिकारियों के इस दौरे को नक्सल प्रभावित इलाकों में शासन की सक्रिय उपस्थिति और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।