ग्रामसभा में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव, साकरा के ग्रामीणों को मिलेगा पट्टा

साकरा (धनेली) में ग्राम पंचायत दोंदेखुर्द की ग्रामसभा में वर्षों से निवासरत परिवारों को पट्टा दिलाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। ग्राम विकास समिति द्वारा सर्वे और पात्र हितग्राहियों को पट्टा वितरण की योजना तैयार की गई।

Feb 1, 2026 - 13:18
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ग्रामसभा में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव, साकरा के ग्रामीणों को मिलेगा पट्टा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह,रायपुर | साकरा (धनेली) आज ग्राम पंचायत दोंदेखुर्द में ग्रामसभा का आयोजन किया गया, जिसमें वर्षों से ग्राम में निवासरत परिवारों को पट्टा दिलाने के उद्देश्य से प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह निर्णय ग्राम विकास समिति के सभापति  सूर्यप्रताप बंजारे द्वारा प्रस्तुत आवेदन के आधार पर लिया गया। आवेदन में उल्लेख किया गया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में निवासरत परिवारों का सर्वे कर पात्र हितग्राहियों को पट्टा प्रदान किया जाए।

ग्रामसभा का संचालन सरपंच एवं ग्रामसभा अध्यक्ष  अशोक साहू के अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर जनपद सदस्य  भगत बंजारे उपस्थित रहे। ग्राम पंचायत सचिव देवेश यादव ने प्रस्ताव का लिखित प्रारूप तैयार किया। प्रस्ताव को ग्रामसभा में उपस्थित सभी सदस्य और ग्रामीण नागरिकों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया।

ग्रामसभा में उपसरपंच जानकी सोनवानी, पूर्व सरपंच एवं वर्तमान पंच अम्मी रेड्डी, पंच सुरुचि कश्यप, मनोज साहू, पूजा ध्रुव, कुलेश्वरी ध्रुव, सालिकराम ब्रम्हे, देवकुमार चतुर्वेदी, परेमिन यादव, भूखन लाल गेंड्रे सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इसके अलावा ग्राम के वरिष्ठजन जैसे पूर्व सरपंच  सियाराम बंजारे,  भावसिंह बंजारे और विभिन्न वार्डों से बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक भी उपस्थित रहे। उपस्थित नागरिकों में उमा पटेल, मोगरा वर्मा, गोमती वर्मा, सीता, माधुरी लोधी, लता मार्कण्डे, अयोध्या ध्रुव, मंजु यादव, संतोषी, पीली सविता, रेया देवांगन, सरस्वती, यशोदा साहू, उषा चेलक, प्रमिला, सोनती निषाद, संजय मार्कण्डे, मनीष वर्मा, राजकुमार बंजारे सहित अनेक लोग शामिल थे।

ग्रामसभा में दोंदेखुर्द के बस्तीपारा, बाजार चौक, रावण पारा, दुर्गापारा सहित अन्य मोहल्लों में वर्षों से निवास कर रहे पात्र रहवासियों को पट्टा प्रदान करने के लिए सर्वे और वितरण की योजना को मंजूरी दी गई। इससे ग्रामीणों के कानूनी अधिकार सुनिश्चित होंगे और उन्हें आवासीय सुरक्षा प्राप्त होगी।

अंत में ग्रामसभा की कार्यवाही को पूर्ण कर सभा का समापन किया गया। इस निर्णय से ग्रामीणों में संतोष और विश्वास बढ़ा है कि स्थानीय प्रशासन उनके अधिकारों और हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।