अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र में 30 दिसंबर को सद्भावना शिविर का आयोजन, सामाजिक समरसता पर रहेगा विशेष जोर
कवर्धा जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तारो में 30 दिसंबर 2025 को एक दिवसीय सद्भावना शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर का उद्देश्य अनुसूचित जातियों के विकास, कल्याण तथा समाज में व्याप्त अस्पृश्यता और भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त कर जनमानस में समानता, भाईचारा और सामाजिक समरसता के प्रति जागरूकता फैलाना है।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | अनुसूचित जातियों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के साथ-साथ समाज में व्याप्त अस्पृश्यता जैसे सामाजिक कलंक को समाप्त करने के उद्देश्य से शासन द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कवर्धा जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम एवं ग्राम पंचायत तारो में 30 दिसंबर 2025 को एक दिवसीय सद्भावना शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र में सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचलों में आज भी मौजूद सामाजिक रूढ़ियों, कुरीतियों और भेदभावपूर्ण मानसिकता के खिलाफ जनजागरूकता फैलाना है। शिविर के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि समाज के सभी वर्ग समान हैं और संविधान सभी नागरिकों को बराबरी का अधिकार देता है। कार्यक्रम में स्वच्छ, निर्मल और समरस सामाजिक वातावरण के निर्माण पर विशेष बल दिया जाएगा।
सद्भावना शिविर के दौरान उपस्थित ग्रामीणों और नागरिकों को अस्पृश्यता उन्मूलन से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि भारतीय संविधान किस प्रकार समानता, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय की गारंटी देता है और इन प्रावधानों का दैनिक जीवन में क्या महत्व है। इसके साथ ही, सामाजिक भेदभाव के दुष्परिणामों और समरसता के लाभों पर भी प्रकाश डाला जाएगा।
कार्यक्रम में समाज में भाईचारे, आपसी सहयोग और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए संवादात्मक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों के माध्यम से लोगों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा, ताकि एक जिम्मेदार और संवेदनशील समाज का निर्माण हो सके। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे, जो शासन की योजनाओं और अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण से संबंधित कार्यक्रमों की जानकारी देंगे।
प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के सद्भावना शिविर समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने और लंबे समय से चली आ रही सामाजिक दूरी को समाप्त करने में सहायक सिद्ध होंगे। शासन की मंशा के अनुरूप, अनुसूचित जाति समुदाय के सर्वांगीण विकास और सामाजिक समानता को सुनिश्चित करने के लिए यह शिविर एक प्रभावी और सार्थक कदम माना जा रहा है।