ग्राम धमकी में आरएडब्लूई कार्यक्रम का शुभारंभ, कृषि छात्र तीन माह तक किसानों के साथ करेंगे व्यवहारिक कार्य

संत कबीर कृषि महाविद्यालय, कवर्धा में ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (आरएडब्लूई) कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम धमकी में किया गया। अंतिम वर्ष के कृषि छात्र अगले तीन महीनों तक किसानों के साथ रहकर व्यवहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम में पी.आर.ए. गतिविधि, कृषक सूचना केंद्र उद्घाटन और जैविक उपचारों का प्रदर्शन किया गया।

Nov 6, 2025 - 18:58
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ग्राम धमकी में आरएडब्लूई कार्यक्रम का शुभारंभ, कृषि छात्र तीन माह तक किसानों के साथ करेंगे व्यवहारिक कार्य

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा । संत कबीर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, कवर्धा द्वारा ग्राम धमकी (ब्लॉक कवर्धा) में बी.एससी. कृषि अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को ग्रामीण कृषि प्रणाली, किसानों की समस्याओं और कृषि प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। शुभारंभ अवसर पर ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, कृषकगण और महाविद्यालय के संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा. राजीव श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र में कृषक सूचना केंद्र का शुभारंभ किया गया, जहाँ छात्रों द्वारा तैयार मॉडल, पोस्टर और कृषि उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के समन्वयक डा. चंद्रेश धुर्वे ने आरएडब्लूई कार्यक्रम के उद्देश्य और रूपरेखा पर प्रकाश डाला।

अधिष्ठाता डा. श्रीवास्तव ने बताया कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को कृषि अनुसंधान, विस्तार और ग्रामीण विकास के व्यावहारिक पक्षों को समझने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझकर ही कृषि के क्षेत्र में स्थायी समाधान खोजे जा सकते हैं।

 

कृषि विज्ञान केन्द्र कवर्धा के प्रमुख डा. बी.पी. त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को आगामी रबी फसलों में संभावित समस्याओं और उनके जैविक उपचारों के बारे में मार्गदर्शन दिया। ग्राम धमकी के सरपंच ने छात्रों को पंचायत की ओर से पूर्ण सहयोग और सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नमक घोल द्वारा बीज चयन और नीम से कीटनाशक निर्माण का लाइव डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किया, जिसे कृषकों ने सराहा। साथ ही पी.आर.ए. गतिविधि के तहत छात्रों ने रंगोली के माध्यम से ग्राम संसाधन मानचित्र तैयार किया, जो ग्रामीण संसाधनों के उपयोग और विकास की दिशा में नवाचारी पहल रही।

कार्यक्रम की सफलता में डा. श्याम सिंह, ठाकरे, डा. दिनेश ठाकुर, रविशंकर नाग, डा. चंद्रेश चंद्राकर, डा. निर्मोध और डा. शिशिर शर्मा सहित कई शिक्षकों का योगदान सराहनीय रहा। आने वाले तीन माह तक छात्र ग्राम धमकी में रहकर किसानों के साथ कार्य करेंगे और कृषि क्षेत्र के व्यवहारिक अनुभव अर्जित करेंगे, जिससे वे भविष्य में अधिक सक्षम कृषि विशेषज्ञ ब