रायपुर के तालाबों पर अतिक्रमण के विरुद्ध ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ का अभियान, सर्वोदय तालाब का मुद्दा प्रमुखता से उठाया

ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ ने रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शहर के तालाबों पर बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ निर्णायक अभियान की घोषणा की। इस दौरान विशेष रूप से पचपेड़ी नाका स्थित सर्वोदय तालाब के आरक्षित क्षेत्र में हो रहे निर्माण को गंभीर पर्यावरणीय संकट बताया गया।

Feb 14, 2026 - 16:25
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रायपुर के तालाबों पर अतिक्रमण के विरुद्ध ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ का अभियान, सर्वोदय तालाब का मुद्दा प्रमुखता से उठाया

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेस्वर सिंह, रायपुर | ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ द्वारा आज रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शहर के तालाबों पर बढ़ते अवैध अतिक्रमण, निर्माण गतिविधियों एवं जलक्षेत्र में हो रहे हस्तक्षेप को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।

प्रेस वार्ता में विशेष रूप से सर्वोदय तालाब, पचपेड़ी नाका (वार्ड क्रमांक 51) की स्थिति को प्रमुखता से उठाया गया। संस्था ने बताया कि तालाब के आरक्षित क्षेत्र में निर्माणाधीन एवं निर्मित मकानों के कारण जलग्रहण क्षेत्र प्रभावित हो रहा है, जिससे तालाब के अस्तित्व पर संकट गहराता जा रहा है।

संस्था के अनुसार सर्वोदय तालाब क्षेत्र भूजल संतुलन, वर्षा जल संचयन एवं पर्यावरणीय संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो तालाब का मूल स्वरूप और अस्तित्व दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के उपरांत ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल द्वारा माननीया महापौर मिनल चौबे, नेता प्रतिपक्ष, सभापति तथा नगर निगम रायपुर के आयुक्त को औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में सर्वोदय तालाब के आरक्षित क्षेत्र से अवैध निर्माण हटाने, पुनः सीमांकन कराने तथा रायपुर शहर के सभी तालाबों की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट तैयार करने की मांग की गई है।

इस अवसर पर ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष एवं संस्थापक अमिताभ दुबे ने कहा कि तालाब किसी भी शहर की जीवनरेखा होते हैं। रायपुर के ऐतिहासिक तालाबों का लगातार सिकुड़ना केवल पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के जल अधिकारों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने सर्वोदय तालाब सहित शहर के सभी तालाबों का तत्काल सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने की मांग की।

उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम के सभी 10 जोनों को जिम्मेदारी सौंपी जाए, जिससे यह स्पष्ट किया जा सके कि स्वतंत्रता के समय रायपुर शहर में तालाबों एवं गार्डनों की क्या स्थिति थी और वर्तमान में कितनी भूमि शेष बची है।

ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ ने पुनः स्पष्ट किया कि तालाब केवल जलभराव क्षेत्र नहीं, बल्कि शहर की जल सुरक्षा, पारिस्थितिक संतुलन और सामाजिक संरचना का आधार हैं और इनके संरक्षण के लिए प्रशासनिक स्तर पर त्वरित एवं ठोस कार्रवाई आवश्यक है।