रायपुर के रामसागर पारा में भव्य पोरा तिहार का आयोजन, बैला दौड़ प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को मिले विशेष उपहार
रायपुर के ऐतिहासिक रामसागर पारा में 10 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पोरा तिहार का भव्य आयोजन किया गया। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के संरक्षण में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। भव्य बैला दौड़ के साथ नांदिया बैला चलई और जांता चलई जैसी पारंपरिक प्रतियोगिताएं हुईं। विजेताओं को 6100, 5100, 4100 और 3100 रुपये के नगद पुरस्कार के साथ सभी बैल जोड़ियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति और लोकपर्वों को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से रायपुर के ऐतिहासिक रामसागर पारा में पोरा तिहार का भव्य आयोजन किया गया। 10 सितंबर 2026, गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में रायपुर लोकसभा क्षेत्र सहित आसपास के बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पारंपरिक बैला दौड़ सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष उपहार और नगद पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने छत्तीसगढ़वासियों को पोरा तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्योहार यहां की संस्कृति और पुरखों की विरासत से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन त्योहारों और परंपराओं को संरक्षित करना समाज की जिम्मेदारी है। रामसागर पारा क्षेत्र में पारंपरिक पर्व मनाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है और क्षेत्रवासी हर वर्ष उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ ऐसे आयोजनों में भाग लेते हैं।
इस वर्ष भी पोरा तिहार का आयोजन छत्तीसगढ़ पारंपरिक पोरा तिहार उत्सव समिति और रामसागर पारा क्षेत्रवासियों के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम विकास उपाध्याय के संरक्षण में आयोजित हुआ। आयोजन में रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के लोगों के साथ रायपुर लोकसभा क्षेत्र के आम नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में भागीदारी की। महिलाओं, बच्चों, युवाओं और वरिष्ठजनों ने पारंपरिक त्योहार के आयोजन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई और कार्यक्रम का उत्साह बढ़ाया।
पोरा तिहार के अवसर पर मुख्य आकर्षण भव्य बैला दौड़ प्रतियोगिता रही। इसके अलावा नांदिया बैला चलई और जांता चलई सहित कई पारंपरिक प्रतियोगिताओं और प्रदर्शनों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की ग्रामीण जीवनशैली, कृषि संस्कृति और पारंपरिक लोक परंपराओं की झलक देखने को मिली। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और लोगों ने भी उनका उत्साहवर्धन किया।
बैला दौड़ प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों के लिए अलग-अलग श्रेणियों में नगद पुरस्कार निर्धारित किए गए थे। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी को 6100 रुपये का पुरस्कार दिया गया। प्रथम विजेता को 5100 रुपये, द्वितीय विजेता को 4100 रुपये और तृतीय विजेता को 3100 रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा प्रतियोगिता में शामिल सभी बैल जोड़ियों को सांत्वना पुरस्कार देकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया गया।
आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ी पारंपरिक संस्कृति और लोकपर्वों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। विकास उपाध्याय ने कहा कि पोरा तिहार जैसे पर्व छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, लोक संस्कृति और ग्रामीण जीवन से जुड़े पर्वों के बारे में जानने का अवसर मिलता है। उन्होंने लोगों से पारंपरिक त्योहारों को उत्साह और सामाजिक एकता के साथ मनाने की अपील की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में छत्तीसगढ़ पारंपरिक पोरा तिहार उत्सव समिति और रामसागर पारा क्षेत्रवासियों का विशेष योगदान रहा। आयोजन में लोगों की सक्रिय भागीदारी से पारंपरिक पर्व की रौनक बढ़ी। बैला दौड़ और अन्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से पोरा तिहार को उत्साहपूर्वक मनाया गया और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने का संदेश दिया गया।