बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई मजबूती, जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में आधुनिक ट्रॉमा सेंटर का लोकार्पण

बस्तर के जगदलपुर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध शहीद महेंद्र कर्मा स्मृति चिकित्सालय में नवनिर्मित अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर का लोकार्पण किया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मुख्य आतिथ्य और वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं, तकनीकी मानव संसाधन, पैरामेडिकल शिक्षा और अस्पताल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई घोषणाएं की गईं।

Sep 11, 2026 - 09:26
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बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई मजबूती, जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में आधुनिक ट्रॉमा सेंटर का लोकार्पण

UNITED NEWS OF ASIA. बस्तर l वनांचल बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्वर्गीय बलिराम कश्यप स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध शहीद महेंद्र कर्मा स्मृति चिकित्सालय, जगदलपुर में नवनिर्मित अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर बस्तर को स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार की योजनाओं और भविष्य की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वर्गीय बलिराम कश्यप के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से स्थापित यह चिकित्सा संस्थान आज पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र बन चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य दलों ने घर-घर जाकर करीब 35 लाख लोगों की जांच की। इनमें से 11 हजार गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए रायपुर भेजा गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किए जा रहे सुधारों के परिणामस्वरूप बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में भी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।

चिकित्सा शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से 90 सीटों के साथ पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। पूरे प्रदेश में 630 पदों के साथ 26 से 27 नए पैरामेडिकल पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके अलावा जगदलपुर में 100 बिस्तरों की क्षमता वाले अत्याधुनिक मानसिक चिकित्सालय को अगले दो से तीन महीनों में पूरी तरह से क्रियाशील करने की तैयारी है।

स्वास्थ्य सेवाओं में जांच सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार जगदलपुर के महारानी अस्पताल और सुकमा स्थित अटल आरोग्य लैब के माध्यम से थायराइड, एचबीए1सी, किडनी, लिवर और हृदय से संबंधित 136 प्रकार की जटिल जांचें निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में हर साल 3 हजार डॉक्टर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नए मेडिकल कॉलेजों के साथ 14 नर्सिंग और 7 फिजियोथेरेपी कॉलेजों को मंजूरी दी गई है।

अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी स्वास्थ्य मंत्री ने कई कार्यों को तत्काल मंजूरी देने की जानकारी दी। इनमें किचन शेड, शौचालय और अस्पताल में तैनात चिकित्सकों के लिए आवासीय क्वार्टर का निर्माण शामिल है। इन सुविधाओं के विस्तार से अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं के बदलाव को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2002-03 के दौरान पूरे संभाग में महारानी अस्पताल ही प्रमुख सहारा था, जबकि वर्तमान में जगदलपुर, कांकेर और दंतेवाड़ा तक मेडिकल कॉलेजों का विस्तार हो चुका है। उन्होंने कहा कि पहले गंभीर मामलों में मरीजों और घायलों को बेहतर उपचार के लिए बाहर ले जाना पड़ता था, जबकि अब बस्तर में विशेषज्ञ स्तर की ट्रॉमा केयर सुविधाएं विकसित हो रही हैं।

चित्रकोट विधायक विनायक गोयल ने अस्पताल परिसर की सुरक्षा और लगातार बढ़ती आवाजाही को देखते हुए पुलिस चौकी स्थापित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि संबंधित थाना अस्पताल से करीब 5 से 6 किलोमीटर दूर होने के कारण आकस्मिक परिस्थितियों में पुलिस सहायता पहुंचने में समय लग सकता है। कार्यक्रम के प्रारंभ में मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. प्रदीप बेक ने स्वागत उद्बोधन दिया और ट्रॉमा सेंटर सहित अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं की जानकारी दी।