बीज निगम की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्यप्रणाली और वित्तीय अनुशासन पर जोर, बीज उत्पादन में तेजी के निर्देश

छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम की समीक्षा बैठक में अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने आत्मनिर्भर दलहन योजना, बीज उत्पादन, किसान पंजीयन और वित्तीय अनुशासन की समीक्षा की। उन्होंने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य में तेजी लाने, अधिक किसानों को बीज उत्पादन कार्यक्रम से जोड़ने, बीज की गुणवत्ता से समझौता नहीं करने और अनावश्यक बीज बचत से होने वाली वित्तीय क्षति रोकने के निर्देश दिए।

Sep 11, 2026 - 09:34
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बीज निगम की समीक्षा बैठक में समयबद्ध कार्यप्रणाली और वित्तीय अनुशासन पर जोर, बीज उत्पादन में तेजी के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम मुख्यालय रायपुर में 10 सितंबर 2026 को विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने की। इस दौरान प्रबंध संचालक अजय अग्रवाल सहित मुख्यालय के अधिकारी-कर्मचारी और प्रदेश के समस्त बीज प्रबंधक उपस्थित रहे। बैठक में निगम के कामकाज, आत्मनिर्भर दलहन योजना, बीज उत्पादन, किसान पंजीयन, वित्तीय अनुशासन और बीज की गुणवत्ता सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में आत्मनिर्भर दलहन योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने समयबद्ध कार्यप्रणाली, वित्तीय अनुशासन और बीज उत्पादन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बीज प्रबंधकों से योजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप काम में तेजी लाने को कहा। साथ ही साथी पोर्टल पर किसानों और सहकारी समितियों के पंजीयन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पंजीयन का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए।

अध्यक्ष ने अधिक से अधिक किसानों को बीज उत्पादन कार्यक्रम से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की भागीदारी बढ़ने से आगामी बीज उत्पादन कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी। किसानों को बीज उत्पादन की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं और आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। इससे किसानों को बीज उत्पादन से जुड़ी तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के साथ कार्यक्रम की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

प्रबंध संचालक अजय अग्रवाल ने अधिकारियों और बीज प्रबंधकों को शासकीय कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-ऑफिस के माध्यम से कार्यालयीन कार्यों के संचालन, जीएसटी और टीडीएस से संबंधित कार्यों के समय पर निष्पादन तथा ऑडिट आपत्तियों की पुनरावृत्ति रोकने पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही गूगल शीट को प्रतिदिन अपडेट रखने और मुख्यालय को भेजी जाने वाली जानकारी एवं आंकड़ों की सावधानीपूर्वक जांच करने के बाद ही प्रेषित करने के निर्देश दिए।

बैठक में खरीफ और रबी फसलों की ग्रेडिंग तथा पैकिंग का कार्य समय पर पूरा करने और कार्यालयीन पंजियों को व्यवस्थित एवं अद्यतन रखने पर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष ने कहा कि समयबद्ध कार्यप्रणाली और वसूली पर ध्यान देने से बीज निगम की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने पुराने बीज की राशि की वसूली, कृषक अंश की प्राप्ति और मुख्यालय भेजे जाने वाले आंकड़ों के सत्यापन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

मैदानी स्तर पर आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्टर की टीएल बैठक और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया। यदि स्थानीय स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होता है तो इसकी जानकारी मुख्यालय को लिखित रूप में देने के निर्देश भी दिए गए। इस दौरान बीज की गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं करने पर विशेष जोर दिया गया। अमानक बीज पाए जाने पर संबंधित संस्था की टेस्ट रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने बीज बचत की समस्या को भी गंभीरता से लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग की मांग के आधार पर बीज का भंडारण करते समय पिछले वर्षों के आंकड़ों को आधार बनाकर आवश्यकता के अनुरूप ही भंडारण किया जाना चाहिए। इससे अनावश्यक बीज बचत और उसके कारण निगम को होने वाली वित्तीय क्षति को कम किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि वसूली, वित्तीय अनुशासन और कार्यप्रणाली में सुधार के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए बीज निगम को अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया।