कबीरधाम के 10 हजार 192 ग्रामीण परिवारों को मिला पक्का आशियाना, चाबी पाकर मनाई गृह प्रवेश की खुशियां
कबीरधाम जिले में 1 अप्रैल से 11 सितंबर 2026 के बीच 10 हजार 192 आवासहीन ग्रामीण परिवारों के पक्के मकान पूर्ण हुए हैं। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 8,965, पीएम जनमन योजना के 1,065 और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 162 आवास शामिल हैं। घर पूरा होने पर हितग्राहियों ने परिवार सहित गृह प्रवेश किया।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। कबीरधाम जिले में पक्के आवास का इंतजार कर रहे हजारों ग्रामीण परिवारों के लिए 11 सितंबर 2026 का दिन खुशी और सम्मान का अवसर बन गया। जिले में 1 अप्रैल से 11 सितंबर 2026 के बीच कुल 10 हजार 192 आवासहीन ग्रामीण परिवारों के पक्के मकान पूर्ण हुए हैं। आवास का निर्माण पूरा होने के बाद हितग्राहियों ने परिवार सहित अपने नए घर में विधिवत गृह प्रवेश किया। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 8,965, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के 1,065 और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 162 आवास शामिल हैं।
महज पांच महीने की अवधि में 10 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों के आवास पूर्ण होना जिला प्रशासन की कार्ययोजना और लगातार निगरानी का परिणाम बताया गया है। कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को अब मजबूत और सुरक्षित छत मिली है। पक्का घर मिलने से परिवारों के जीवन में स्थायित्व आने के साथ सुरक्षा और सम्मान की भावना भी मजबूत हुई है। वनांचल क्षेत्रों में पीएम जनमन आवास के हितग्राहियों से लेकर मैदानी इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों तक, अलग-अलग क्षेत्रों के परिवारों के लिए गृह प्रवेश का यह अवसर उत्सव जैसा रहा।
गृह प्रवेश के अवसर पर जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और अधिकारी-कर्मचारियों ने हितग्राहियों को शुभकामनाएं दीं। उन्हें श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेंट कर नए घर के लिए बधाई दी गई। इसी क्रम में ग्रामीण विकास विभाग के केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में पूर्ण हुए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, पीएम जनमन और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के आवासों के हितग्राहियों को चाबी सौंपकर गृह प्रवेश कराया गया। कबीरधाम जिले में भी पूर्ण हुए 10 हजार 192 आवासों के हितग्राहियों ने अपने परिवार के साथ गृह प्रवेश कर खुशियां मनाईं।
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने बताया कि जिले के 10 हजार 192 आवासहीन परिवारों को अपना पक्का घर मिलना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि कम समय में बड़े पैमाने पर आवास निर्माण पूरा करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन जिला प्रशासन ने सुनियोजित कार्ययोजना के साथ लगातार प्रयास किए। आवास निर्माण की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा, मैदानी कर्मचारियों के नियमित फील्ड विजिट और हितग्राहियों के साथ बैठक एवं चौपाल के माध्यम से उन्हें समय पर निर्माण पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इन प्रयासों का परिणाम हजारों परिवारों के गृह प्रवेश के रूप में सामने आया है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि आवास निर्माण के दौरान ग्रामीण परिवारों को रोजगार का अवसर भी मिला। उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 90 से 95 दिनों तक रोजगार मिला और इसके लिए लगभग 24 हजार से 27 हजार रुपये तक मजदूरी भुगतान प्राप्त हुआ। इससे परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिला। प्रशासन का प्रयास है कि आवास हितग्राहियों को अन्य योजनाओं से जोड़कर स्थायी आजीविका के साधन भी उपलब्ध कराए जाएं। आजीविका डबरी, कूप निर्माण, निजी डबरी और पशुशेड जैसे कार्यों से रोजगार और आय के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
पक्के आवासों के साथ पात्र परिवारों को स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय, बिजली, स्वच्छ पेयजल, उज्ज्वला गैस और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। आवास के साथ रोजगार, आजीविका और अन्य मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिलने से ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में काम हो रहा है। जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित सेवा संकल्प अभियान के दौरान भी जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच और जनभागीदारी को मजबूत करने पर जोर रहेगा।